आज सोना-चांदी दोनों में नरमी, कल भी गिरावट के संकेे
16 जनवरी 2026 को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार संकेत दे रहे हैं कि कल भी दामों में मामूली नरमी बनी रह सकती है। निवेशकों के लिए यह स्थिति खरीदारी के मौके की तरह देखी जा रही है।
22 और 24 कैरेट गोल्ड का आज का भाव भारतीय बाजार में सामान्य रूप से 22 और 24 कैरेट गोल्ड की ही सबसे ज्यादा खरीद-बिक्री होती है।
आज 22 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए ₹1,31,450 रहा, जबकि कल यह ₹1,31,650 था। यानी प्रति 10 ग्राम ₹200 की गिरावट आई है।
वहीं 24 कैरेट सोने का आज का रेट 10 ग्राम ₹1,43,400 दर्ज किया गया है। कल इसकी कीमत ₹1,43,620 थी, यानी ₹220 प्रति 10 ग्राम की कमी हुई है।
चांदी की कीमत में भी तेज गिरावट
आज 1 किलो चांदी का भाव ₹2,92,000 रहा। कल यह ₹2,95,000 था। इस तरह चांदी की कीमत में सीधे ₹3,000 प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है।
झारखंड और बिहार के प्रमुख शहरों में रेट
झारखंड के रांची, जमशेदपुर और धनबाद तथा बिहार के पटना, भागलपुर, दरभंगा और गया में सोना-चांदी के दाम लगभग राष्ट्रीय औसत के आसपास ही बने हुए हैं। स्थानीय टैक्स और ज्वैलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
पिछले 5 दिनों के रेट का ट्रेंड
15 January 2026: ₹1,31,250 (-400), ₹1,43,180 (-440)
14 January 2026: ₹1,31,650 (+1000), ₹1,43,630 (+1090)
13 January 2026: ₹1,30,650 (+350), ₹1,42,530 (+380)
12 January 2026: ₹1,30,300 (+1550), ₹1,42,150 (+1680)
11 January 2026: ₹1,28,750 (0), ₹1,40,460 (0)
इन आंकड़ों से साफ है कि बीच-बीच में गिरावट के बावजूद कुल ट्रेंड अब भी मजबूत बना हुआ है। गोल्ड की प्योरिटी को समझना जरूरी
सोने की शुद्धता कैरेट से मापी जाती है।
24 कैरेट गोल्ड सबसे शुद्ध माना जाता है और यह लगभग 100% शुद्ध होता है।
22 कैरेट गोल्ड में करीब 91% शुद्धता होती है और इसमें चांदी, तांबा या अन्य धातु मिलाकर ज्वैलरी बनाई जाती है, इसलिए यह आभूषणों के लिए ज्यादा उपयुक्त होता है।
18 कैरेट गोल्ड की शुद्धता इससे कम होती है और इसे आम तौर पर कच्चा सोना कहा जाता है।
याद रखें, जितनी ज्यादा शुद्धता, उतनी ज्यादा कीमत।
सोना-चांदी: परंपरा से आधुनिक निवेश तक
पहले के दौर में किसी परिवार की आर्थिक स्थिति का अंदाजा उसके पास मौजूद सोना-चांदी से लगाया जाता था। मुश्किल समय में यही जमा पूंजी सबसे बड़ा सहारा बनती थी। आज भले ही शेयर, म्यूचुअल फंड और इक्विटी जैसे विकल्प मौजूद हों, लेकिन उनमें जोखिम भी उतना ही ज्यादा है।
इसके उलट सोना और चांदी लंबे समय में अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश माने जाते हैं।
आज निवेश सिर्फ फिजिकल गोल्ड या सिल्वर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भी इसमें निवेश किया जा सकता है।
मार्केट के उतार-चढ़ाव के बावजूद सोना-चांदी की कीमतें अक्सर कुछ समय बाद खुद को संभाल लेती हैं। दाम बढ़ने पर तुरंत बेचकर मुनाफा कमाया जा सकता है और गिरावट के समय सुरक्षित रखकर आगे के लिए होल्ड किया जा सकता है। मौजूदा ट्रेंड यह संकेत देता है कि लंबी अवधि में सोना-चांदी में निवेश से सालाना औसतन 15% तक के रिटर्न पर भरोसा किया जा सकता है।
इसीलिए हम आपको रोजाना सोना-चांदी के रेट और उनके उतार-चढ़ाव की सटीक जानकारी दे रहे हैं, ताकि आप सही समय पर सही फैसला ले सकें।
