कुड़मी/कुरमी को ST में शामिल करने के विरोध में आदिवासी हुंकार तेज.

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रांची में आदिवासी संगठनों का सम्मेलन, 17 अक्टूबर को होगी “आदिवासी हुंकार महारैली”

मुख्य बिंदु

सिरम टोली सरना स्थल में आदिवासी संगठनों का सम्मेलन

कुड़मी/कुरमी समाज को ST में शामिल करने के खिलाफ हुंकार

17 अक्टूबर को प्रभात तारा मैदान, रांची में “आदिवासी हुंकार महारैली” का आयोजन

राज्यभर में बैठकों और जनसंपर्क अभियान की तैयारी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रतिनिधिमंडल मिलने का ऐलान

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रांची में आदिवासी संगठनों का बड़ा ऐलान

आज दिनांक 26 सितम्बर 2025 को रांची के सिरम टोली सरना स्थल पर आदिवासी बचाओ मोर्चा सहित कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया। इस सम्मेलन में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कुड़मी/कुरमी समाज को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल करने की मांग के खिलाफ 17 अक्टूबर 2025 को “आदिवासी हुंकार महारैली” का आयोजन किया जाएगा। यह महारैली प्रभात तारा मैदान, धुर्वा, रांची में होगी।

आंदोलन को आदिवासियों के खिलाफ साज़िश बताया

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि कुड़मी/कुरमी समाज की ST बनने की मांग आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आरक्षण, जमीन और गौरवशाली इतिहास को हड़पने की साज़िश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज किसी भी बाहरी जाति को अपने समुदाय में घुसपैठ की इजाजत नहीं देगा।

रैली की तैयारी और जनसंपर्क अभियान

निर्णय लिया गया कि “आदिवासी हुंकार महारैली” की तैयारी के लिए राज्यभर में बैठकों, जनसंपर्क और आम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए एक तैयारी समिति भी बनाई जाएगी, जिसमें विभिन्न आदिवासी संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे।

राष्ट्रपति से मिलेंगे प्रतिनिधिमंडल

आदिवासी संगठनों ने यह भी घोषणा की कि कुड़मी/कुरमी समाज की ST मांग के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से एक प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा।

ऐतिहासिक और वैज्ञानिक तर्कों पर जोर

सम्मेलन में कहा गया कि आदिवासी समाज छात्रों और युवाओं से अपील करता है कि वे लोकुर कमिटी की रिपोर्ट, मानवशास्त्रियों के अध्ययन, पुरातत्व खोजों और डीएनए शोधों के आधार पर इस मांग का विरोध करें।

शामिल प्रमुख प्रतिनिधि

इस संवाददाता सम्मेलन में अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद की अध्यक्ष गीता श्री उरांव, आदिवासी महासभा के देव कुमार धान, आदिवासी जन परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष प्रेम शाही मुंडा, झारखंड आदिवासी समन्वय समिति के लक्ष्मी नारायण मुंडा, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष नारायण उरांव व बबलू मुंडा, भूमिज मुंडा समाज के केंद्रीय अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह सरदार, खरवार भोक्ता समाज के अध्यक्ष दर्शन गंझु, महली समाज के हरिनारायण महली, आदिवासी सेना के अजीत उरांव और अनिल टुडू सहित कई संगठन व प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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