रांची विश्वविद्यालय में कर्मियों की सेवा समाप्ति पर प्रतिनिधिमंडल की कुलपति से वार्ता, पुनः समायोजन की रखी गई मांग

सेवा समाप्त कर्मियों की बहाली को लेकर JLKM प्रतिनिधिमंडल की कुलपति से महत्वपूर्ण वार्ता
रांची विश्वविद्यालय से अचानक सेवा समाप्त किए गए कर्मियों की बहाली को लेकर आज 16 अप्रैल 2025 को वाइस चांसलर कॉन्फ्रेंस हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 12 अप्रैल को विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार कार्यालय में हुए आंदोलन के बाद तय की गई थी।

देवेन्द्र नाथ महतो की अगुवाई में हुआ तीन घंटे का संवाद
JLKM केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति डॉ. अजीत कुमार सिंहा सहित विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों से लगभग तीन घंटे तक विस्तारपूर्वक चर्चा की। इस वार्ता में कार्यपालक दंडाधिकारी सदर, मजिस्ट्रेट मो. जफर हसनाथ भी मौजूद रहे।

एक सूत्री मांग: सभी कर्मियों को किया जाए पुनः कार्य में समायोजित
प्रतिनिधिमंडल ने मानवता के आधार पर सेवा समाप्त किए गए सभी कर्मियों को पुनः कार्य में समायोजित करने की मांग रखी। देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि इन कर्मियों के सामने पारिवारिक संकट खड़ा हो गया है, और उनका जीवन यापन प्रभावित हो रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने जताई सकारात्मकता, आगे की प्रक्रिया शुरू
कुलपति और अन्य अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को गंभीरता से लिया और सभी महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों से कर्मचारियों की स्थिति, रिक्त पदों और समायोजन की संभावनाओं की जानकारी मंगाने का निर्णय लिया। इसके बाद अगली बैठक में समायोजन पर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।
अगली बैठक में होगा संभावित समाधान
रांची विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सभी जानकारियां संकलित कर अगली बैठक फिर से VC कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की जाएगी, जिसमें पुनः JLKM प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की जाएगी।
बैठक में शामिल रहे प्रमुख लोग
वार्ता में JLKM केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के साथ-साथ जिला अध्यक्ष आलोक उरांव, संतोष साहू, प्रवीण उपाध्याय और अन्य 10 सेवा समाप्त कर्मी उपस्थित थे।
