क्या आपने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सहायक आचार्य की परीक्षा में एक से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन समर्पित किया है। अगर ऐसा है तो फिर आप खतरे में हैं। आपको भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने 26 अप्रैल को एक नोटिस जारी किया है जिसमें कहा है कि, जिन भी अभ्यर्थियों ने एक से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन भरा है। उनमें से अंतिम आवेदन को ही वैध माना जाएगा और बाकी सभी आवेदनों को रद्द कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आवेदन के लिए लिए गए शुल्क को भी लौटाया नहीं जाएगा।
संभवतः पहली बार आयोग ने अपनी गलती स्वीकार की है और कहा है कि, लिपिकीय भूल की वजह से चार आवेदनों को जिसे रद्द कर दिया गया था उसे फिर से बहाल किया जाता है। आप इसे झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की वेबसाइट में जाकर उस रोल नंबर को देख सकते हैं।
आप तमाम लोगों को पता है कि, 26001 शिक्षकों की बहाली के लिए 27 से 30 अप्रैल के बीच में ऑनलाइन मोड में परीक्षा ली जा रही है। आज रांची के साथ ही कुल चार जिलों में ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा हो रही है। इस परीक्षा के समय को लेकर के राजनीतिक तौर पर आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, बहुत सारे छात्रों ने भी आचार संहिता समाप्त होने के बाद परीक्षा कराने को बेहतर माना है। भाजपा का सीधा आरोप है कि, चुनावी लाभ लेने के लिए यह परीक्षा कराई जा रही है। चुनाव आयोग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। ये कहना है बीजेपी के गोड्डा से विधायक अमित मंडल का।
