उत्तरप्रदेश (औरया). यूपी से बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां नूर मोहम्मद के शव को परिजनों ने दो दिन पहले ही दफना दिया था. लेकिन उसी ने मुंबई से अपने परिजनों को फोन किया कि वह घर आ रहा है. यह चौकाने वाली घटना औरया की है. पुलिस भी इसे लेकर स्तब्ध है कि भला ये कैसे हो सकता है.
मुंबई से आया फ़ोन
इस सम्बन्ध में नूर अहमद के मामा ने दावा किया कि फोन उसके पास आया था, जो उसके भांजे नूर की ही लग रही थी. इस फोन की घंटी से पुलिस का माथा भी ठनक गया कि भला ऐसे कैसे हो सकता है
सवाल ये उठ रहा है कि जब नूर मोहम्मद ने फोन किया है तो फिर दफ़नाए हुआ शख्स कौन था. पुलिस का कहना है कि घर वालों ने ही शव की शिनाख्त कर शव को दफनाया था.
पुलिस ने 27 जून को पुरवारहट से एक शव को बरामद किया था.काशी भट्टे के पास गांववालों ने ही एक युवक की लाश की जानकारी दी थी.
हालांकि, पुलिस शव की पहचान नहीं कर सकी थी कि आखिर किसका है.पुलिस ने बाद में इसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था.
पुलिस के छूटे पसीने
29 जून को सेगनपुर निवासी शमसुल अपने परिवार के साथ कोतवाली पहुंचे. पुलिस के बातये हुलिए के मुताबिक शमसुल ने अपने भांजे 37 साल के नूर मोहम्मद के होने का दावा किया.इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर पहचान भी की.लेकिन युवकसे सम्बंधित कोई कागजात नहीं दिखा सके.
पुलिस ने वीडयो रिकॉर्ड करने के बाद शव को शमसुल को सौप दिया.जिसके बाद परिजनों ने लाश को दफना दिया.
अनजान नंबर से आया था फोन
लेकिन, इसके बाद पूरी पिक्चर ही बदल गई. जब शमसुल को एक अनजान नंबर से फोन आया की नूर मोहम्मद उसका भांजा मुंबई से बोल रहा है.उसने मुंबई में एक ठेकेदार के अंडर काम करने की बात कही. जो जल्द ही घर वापस आएगा. शमसुल ने कहा कि उसकी आवाज उसके भांजे नूर मोहम्मद से मिल रही थी.पुलिस ने मृत्यु प्रमाण पत्र अभी जारी नहीं किया है.दफनाया गया शव किसका था, उसकी शिनाख्त की कोशिश शुरू कर दी गई है. वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़े में संक्रमण की बात सामने आई थी. अब देखना यही है की क्या वाकई नूर मोहम्मद मुंबई में काम कर रहा था और वह जिंदा है.
