🔹 मुख्य बिंदु
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JSSC-CGL पेपर लीक की पुष्टि अब CID ने भी कर दी है
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अभ्यर्थियों से 20 लाख रुपये में पेपर लीक का आरोप
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बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री पर लगाया षड्यंत्र छिपाने का आरोप
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अब तक केवल कुछ सुरक्षाकर्मी गिरफ्तार, उच्च स्तरीय जांच की मांग
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CBI जांच की मांग दोहराई, बेरोजगार युवाओं के भविष्य का सवाल
🔍 CID ने मानी पेपर लीक की बात, मरांडी ने कहा – “अब सरकार का पर्दाफाश हो चुका है”
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि CID ने अब पुष्टि कर दी है कि परीक्षा में अभ्यर्थियों से 20 लाख रुपये लेकर पेपर लीक कराया गया।
मरांडी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी ने शुरू से ही इस परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे और सीटों की खरीद-फरोख्त की आशंका जताई थी। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी सरकार ने इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की।
🏛️ “मुख्यमंत्री कार्यालय तक हैं षड्यंत्र की जड़ें”
बाबूलाल मरांडी ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि,
“सरकार ने पेपर लीक और पैसों के लेन-देन को छिपाने के लिए हरसंभव प्रयास किए।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब वही CID, जो पहले मामले से इंकार कर रही थी, अब सच को स्वीकार कर रही है, और इसका श्रेय उन्होंने लाखों छात्रों के संघर्ष और माननीय उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप को दिया।
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मरांडी ने सवाल उठाया कि अब तक कार्रवाई केवल IRB के आरोपी जवानों तक सीमित रही है। लेकिन, उन्होंने दावा किया कि इस पूरे षड्यंत्र की जड़ें कहीं ज्यादा गहरी हैं और इसकी कड़ियां मुख्यमंत्री कार्यालय तक जुड़ी हुई हैं।
🕵️♂️ CBI जांच की मांग दोहराई
बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से JSSC-CGL घोटाले की CBI से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा:
“हमारे झारखंड के गरीब, बेरोजगार युवाओं के भविष्य का सौदा करने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। सरकार अब और देरी न करे।”
https://youtu.be/xR4tqr-Tw6o
📢 भाजपा बना रही आंदोलन की रणनीति?
राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चा है कि भाजपा अब इस मुद्दे पर बड़े आंदोलन की तैयारी कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में पार्टी इस घोटाले को लेकर राज्यव्यापी अभियान भी चला सकती है।
JSSC-CGL परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार का मामला अब तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। CID की पुष्टि के बाद भाजपा ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और अब यह देखना होगा कि क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन CBI जांच की मांग मानते हैं या नहीं।
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