जातीय जनगणना पर केंद्र सरकार के फैसले से आजसू गदगद, कांग्रेस-झामुमो पर साधा निशाना
मुख्य बिंदु-
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केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना कराने का फैसला लिया
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आजसू पार्टी ने फैसले का स्वागत किया, इसे ऐतिहासिक बताया
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कांग्रेस–झामुमो पर लगाया जनता को धोखा देने का आरोप
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आजसू पार्टी ने कहा, IND गठबंधन की हवा निकल गई
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झारखंड में चलाया जाएगा जनजागरूकता अभियान
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डॉ. देवशरण भगत बोले – सामाजिक न्याय का नया अध्याय
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प्रवीण प्रभाकर बोले – जातीय जनगणना है सामाजिक संतुलन का औजार
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संजय मेहता ने कहा – झारखंड के लिए यह कदम बेहद अहम
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आजसू ने अपने आंदोलन को इस निर्णय का आधार बताया
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पार्टी बोली – योजनाओं के समान वितरण का मिलेगा आधार
आजसू बोले – IND गठबंधन की हवा हो गई फुस्स, अब जनजागरूकता अभियान चलाएंगे
रांची। केंद्र सरकार द्वारा देश में जातीय जनगणना कराने के फैसले का आजसू पार्टी ने खुलकर स्वागत किया है। पार्टी ने इस ऐतिहासिक कदम को सामाजिक न्याय की दिशा में एक नई शुरुआत करार दिया है। वहीं, इस मौके पर आजसू नेताओं ने कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर तीखा हमला भी बोला।
आजसू पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर और वरिष्ठ नेता संजय मेहता मौजूद थे। इन नेताओं ने कहा कि जातीय जनगणना की मांग पर सबसे पहले आवाज उठाने वाली पार्टी आजसू रही है। अब जब केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है, तो इससे स्पष्ट है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) अपने वादों को लेकर गंभीर है।
कांग्रेस-झामुमो को बताया जनगणना के मुद्दे पर धोखेबाज़
आजसू नेताओं ने कहा कि अगर कांग्रेस और झामुमो सच में जातीय जनगणना को लेकर गंभीर होते, तो वे इसे मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में ही लागू करवा सकते थे। लेकिन इन्होंने जनता को सिर्फ भ्रमित किया और अब जब केंद्र सरकार ने फैसला लिया है तो खुद की पीठ थपथपा रहे हैं।

आजसू चलाएगी जनजागरूकता अभियान
पार्टी प्रवक्ताओं ने जानकारी दी कि आजसू अब पूरे झारखंड में जनजागरूकता अभियान चलाएगी ताकि समाज के हर वर्ग को यह बताया जा सके कि जातीय जनगणना उनके भविष्य के लिए क्यों महत्वपूर्ण है। यह न सिर्फ आंकड़ों का संग्रहण होगा, बल्कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य योजनाओं में संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण हो सकेगा।
“सामाजिक न्याय का हथियार है जातीय जनगणना”
प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि जातीय जनगणना केवल संख्या की गिनती नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में एक अहम हथियार है। इससे यह जानने में मदद मिलेगी कि कौन-कौन से वर्ग अब भी विकास की मुख्यधारा से वंचित हैं।
झारखंड के लिए बेहद जरूरी है यह कदम: संजय मेहता
संजय मेहता ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य, जहां बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग रहते हैं, वहां जातीय जनगणना का निर्णय बेहद जरूरी है। इससे इन वर्गों की सही पहचान होगी और योजनाएं उनके लिए प्रभावी ढंग से बनाई जा सकेंगी।
केंद्र सरकार द्वारा जातीय जनगणना कराने के निर्णय को लेकर आजसू पार्टी पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। पार्टी इसे वर्षों की मेहनत का परिणाम बता रही है और अब इसे जमीन पर उतारने की रणनीति में जुट गई है। वहीं कांग्रेस और झामुमो को इस मुद्दे पर घेरते हुए पार्टी ने आगामी चुनावों में इसे एक बड़ा हथियार बनाने के संकेत भी दे दिए हैं।
