Babulal Marandi Jharkhand BJP Jharkhand Demography Change

वोट बैंक के लिए झारखंड की डेमोग्राफी बदली जा रही है- बाबूलाल.

झारखंड/बिहार ताज़ा ख़बर राष्ट्रीय ख़बर विधानसभा चुनाव

बाबूलाल मरांडी का आरोप – वोट बैंक की राजनीति में बदल रही झारखंड की डेमोग्राफी

मुख्य बिंदु

  • झारखंड सरकार पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को बसाने का आरोप

  • आदिवासी समाज पर सबसे बड़ा खतरा – बाबूलाल मरांडी

  • 1951 से 2011 तक आदिवासी जनसंख्या घटी, मुस्लिम आबादी में बढ़ोतरी

  • मतदाता सूची में असामान्य वृद्धि को बताया कृत्रिम

  • भाजपा ने चुनाव आयोग से हर मतदाता का सत्यापन कराने की मांग की



प्रेसवार्ता में मरांडी का बयान

रांची, 27 अगस्त 2025- झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि राज्य सरकार वोट बैंक की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को न केवल बसाया जा रहा है, बल्कि उन्हें मतदाता सूची में भी जोड़ा जा रहा है। यह सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए खतरे की घंटी है।

Fake voter ID Jharkhand Jharkhand Election Commission Hemant Soren government

आदिवासी समाज पर खतरे की बात

मरांडी ने कहा कि इस साजिश का सबसे बड़ा नुकसान आदिवासी समाज को होगा। उन्होंने दावा किया कि संथाल परगना और अन्य इलाकों में दर्जनों आदिवासी महिलाओं से रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमानों ने शादी की है और अब पंचायत से लेकर जिला परिषद तक चुनाव जीत रहे हैं। अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय में विधायक और सांसद तक ऐसे लोग बन जाएंगे।

जनगणना के आंकड़ों का हवाला

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 1951 की जनगणना में झारखंड में आदिवासियों की आबादी 35.38% थी, जो 2011 तक घटकर 26.20% रह गई। वहीं मुसलमानों की आबादी 8.9% से बढ़कर 14.53% हो गई।
उन्होंने कहा कि यह वृद्धि स्वाभाविक नहीं है बल्कि अवैध घुसपैठ और वोट बैंक की राजनीति का नतीजा है।

मतदाता सूची में असामान्य वृद्धि

मरांडी ने चुनाव आयोग के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि 2019 से 2024 के बीच देशभर में मतदाता संख्या में 10.1% की वृद्धि हुई, जबकि झारखंड में यह आंकड़ा 16.7% रहा। यह स्पष्ट संकेत है कि यहां कृत्रिम तरीके से मतदाताओं की संख्या बढ़ाई गई।

विधानसभा क्षेत्रों का उदाहरण

उन्होंने सिमडेगा और जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 50 से 78% तक बढ़ गई, जबकि गैर-मुस्लिम मतदाताओं में वृद्धि सामान्य रही। यह आंकड़े चिंताजनक हैं और साफ़ तौर पर सुनियोजित बदलाव की ओर इशारा करते हैं।

फर्जी दस्तावेज़ों का जिक्र

मरांडी ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी नहीं थी, वहां भी जन्म प्रमाण पत्र और योजनाओं का लाभ दिलाने का खेल किया गया। कई मामलों में जांच के दौरान लोगों की पहचान मुर्शिदाबाद और मालदा (पश्चिम बंगाल) से हुई।

भाजपा की मांग

मरांडी ने साफ कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर समझौता नहीं करेगी। पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि झारखंड की मतदाता सूची का सत्यापन किया जाए और फर्जी मतदाताओं को तत्काल हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह लोकतंत्र पर सीधा खतरा होगा।

बाबूलाल मरांडी के इन आरोपों ने झारखंड की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने इसे केवल चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य और देश की सांस्कृतिक व जनसांख्यिकी पहचान के लिए खतरा बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *