JSSC-CGL विवाद पर सियासत तेज़, मुख्यमंत्री के बयान से गरमाया माहौल—BJP का हमला, JMM का पलटवार
रांची- JSSC-CGL मामले में सियासी टकराव और तेज़ हो गया है। मामला वर्तमान में झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन है और न्यायालय ने अपना फैसला रिज़र्व कर रखा है। इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मंच से दिए गए बयान ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “JSSC-CGL पूरी तरह पाक साफ है और सरकार जल्द नियुक्तियाँ देगी।”
मुख्यमंत्री के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा का कहना है कि जब मामला अदालत में लंबित है, तब मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति को ऐसी टिप्पणी करने से बचना चाहिए। पार्टी नेताओं के अनुसार, ऐसा बयान न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश जैसा प्रतीत होता है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का बयान इस तरह है मानो उन्हें कोर्ट का फैसला पहले से ही मालूम हो। पार्टी ने इसे न्यायपालिका की मर्यादा के खिलाफ बताया है।
वहीं दूसरी ओर, भाजपा के आरोपों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी करारा पलटवार किया है। JMM ने भाजपा को ही झारखंडी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का दोषी ठहराया। JMM नेताओं ने कहा कि— “भाजपा खुद CGL करा नहीं पायी, इसलिए षड्यंत्र रच रही है। रेत की तरह ऐसे आरोप भरभराकर गिर जाएंगे।”
पार्टी ने भाजपा पर तीखा व्यंग्य करते हुए कहा— “आपकी उम्र के इस पड़ाव पर तो बस Get Well Soon ही बोला जा सकता है।”
इसके साथ ही JMM ने भाजपा को “युवा विरोधी” बताते हुए कहा कि पार्टी “रसातल पर औंधे मुंह गिर चुकी है।”
JSSC-CGL की पारदर्शिता, नियुक्ति प्रक्रिया और अदालत में लंबित फैसले को लेकर बढ़ती राजनीतिक बयानबाज़ी ने इस मुद्दे को राज्य की मुख्य सुर्खियों में ला दिया है। अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट के निर्णय पर टिकी हैं, जो इस विवाद की दिशा तय करेगा।
