रामनवमी जुलूस के बीच परीक्षा की चुनौती—क्या छात्रों को मिलेगा समय पर रास्ता?

झारखंड/बिहार रोज़गार समाचार

मुख्य बिंदु

  • 27 मार्च को रामनवमी पर शहर में निकलेंगे कई जुलूस
  • उसी दिन ICSE 12वीं कंप्यूटर साइंस की परीक्षा
  • रिपोर्टिंग समय 1 बजे, परीक्षा 2 से 5 बजे तक
  • आयोजकों से छात्रों को प्राथमिकता देने की अपील
  • प्रशासन और समाज से सहयोग की जरूरत

रामनवमी जुलूस के बीच ICSE परीक्षा, छात्रों की सुविधा को लेकर अपील

रांची- 27 मार्च 2025 को रामनवमी के पावन अवसर पर शहर में विभिन्न स्थानों पर शोभायात्राएं और जुलूस आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, इसी दिन कक्षा 12वीं की कंप्यूटर साइंस की ICSE बोर्ड परीक्षा भी निर्धारित है, जिससे छात्रों और अभिभावकों के सामने आवागमन को लेकर चुनौती खड़ी हो सकती है।

ऐसे में, संत जेवियर स्कूल डोरंडा की तरफ से समाज के विभिन्न वर्गों से सहयोग की अपील की गई है ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

परीक्षा का समय और संभावित परेशानी

परीक्षा से जुड़ी जानकारी के अनुसार:

  • रिपोर्टिंग टाइम: दोपहर 1:00 बजे
  • परीक्षा समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक

इसी दौरान शहर के कई इलाकों में जुलूस और भीड़-भाड़ रहने की संभावना है, जिससे छात्रों के समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

आयोजन समितियों से विशेष अपील

इस स्थिति को देखते हुए पूजा समिति और जुलूस आयोजन समितियों से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखें।

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इन बातों पर सहयोग की अपील

 छात्रों के लिए रास्ते यथासंभव सुगम और बाधारहित रखें
भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विद्यार्थियों को प्राथमिकता दें
 जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित करें
 ध्वनि और यातायात प्रबंधन में सहयोग करें

सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

यह अपील इस बात पर जोर देती है कि छात्रों का भविष्य हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में समाज, प्रशासन और आयोजन समितियों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी छात्र परीक्षा से वंचित न रह जाए।

मीडिया से भी सहयोग की अपील

साथ ही मीडिया संस्थानों से भी आग्रह किया गया है कि इस अपील को प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंचे और छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में मदद मिल सके।

निष्कर्ष

रामनवमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन और बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर एक ही दिन होने के कारण संतुलन और सहयोग बेहद जरूरी हो गया है। यदि सभी पक्ष मिलकर जिम्मेदारी निभाते हैं, तो यह दिन आस्था और भविष्य—दोनों के लिए सफल साबित हो सकता है।

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