झारखंड के 45 हजार आकलन पास प्रशिक्षित शिक्षक सरकार के खिलाफ काला बिल्ला लगाकर कर रहे विरोध, 15 नवंबर को होगा बड़ा प्रदर्शन
रांची, 1 नवंबर 2025 | झारखंड के 45 हजार आकलन सफल एवं प्रशिक्षित सहायक अध्यापक- अध्यापिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। 29 अक्टूबर से शुरू हुआ उनका काला बिल्ला लगाकर विरोध अभियान लगातार जारी है।

सरकार से वादाखिलाफी का आरोप
शिक्षक संगठन का कहना है कि सरकार ने उनके भविष्य की सुरक्षा और सेवा स्थायित्व को लेकर जो वादे किए थे, उन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया है। आकलन पास प्रशिक्षित शिक्षकों ने सरकार पर वादाखिलाफी और गलत नीतियों का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत और प्रशिक्षण के बावजूद सरकार ने अब तक उनके नियमितीकरण और सेवा शर्तों पर कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई है।

“हमारा भविष्य असुरक्षित है” — शिक्षक संघ
संघ के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत तिवारी ने कहा कि, “राज्य भर के सभी आकलन पास और प्रशिक्षित शिक्षक सरकार की अनदेखी से निराश हैं। हमारी पीढ़ी का भविष्य अधर में लटका हुआ है। सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द नीतिगत फैसला लेकर राज्य के माटी के लाल शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करे।”

प्रदेश महासचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षक वर्ग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से कर रहा है, लेकिन सरकार उनकी आवाज नहीं सुन रही। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
15 नवंबर को होगा राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन
संघ के मीडिया प्रभारी महेश कुमार मेहता ने जानकारी दी कि आगामी 5 नवंबर 2025 को रांची में संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इसमें 15 नवंबर को बड़े स्तर पर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की रणनीति तय की जाएगी।
संघ के कोषाध्यक्ष बसंत कुमार ने कहा कि यह आंदोलन अब शिक्षकों की मजबूरी बन गया है। “हम लोग शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन सरकार हमारे हक की अनदेखी कर रही है। अब यह आंदोलन नीति निर्धारण तक जारी रहेगा।”
शिक्षक वर्ग की मांगें
-
प्रशिक्षित शिक्षकों के भविष्य और सेवा शर्तों को लेकर स्पष्ट नीति बने
-
नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए
-
समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए
-
लंबित वेतन और पदोन्नति से संबंधित मुद्दों का समाधान किया जाए
झारखंड के सभी जिलों में शिक्षक अपने स्कूलों में काला बिल्ला लगाकर सरकार को अपनी नाराजगी का संदेश दे रहे हैं। संगठन ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, यह विरोध जारी रहेगा।
