झारखंड में 15 अक्टूबर को शिक्षकों की हड़ताल, 1250 स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद

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वित्त रहित विद्यालयों को जल्द मिलेगी अनुदान राशि, 15 अक्टूबर को राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा

मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद विभाग करेगा राशि जारी

रांची। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने वित्त रहित इंटर कॉलेजों, उच्च विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों और मदरसा विद्यालयों के लिए अनुदान राशि की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग ने 12 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री के पास तीन दिन पहले संचिका भेज दी है। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही राशि संबंधित स्कूलों और कॉलेजों के खातों में भेजी जाएगी।

उपयोगिता प्रमाण पत्र वाले संस्थानों को पहले भुगतान

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थाओं ने वित्तीय वर्ष 2024–25 के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा कर दिया है, उन्हें 12 प्रतिशत अनुदान की राशि प्राथमिकता के आधार पर भेजी जाएगी। सचिव की स्वीकृति के बाद शुक्रवार तक राशि राज्य के सभी संस्थानों को भेज दी जाएगी।

75% अनुदान वृद्धि प्रस्ताव पर जारी है प्रक्रिया

विभागीय सूत्रों के अनुसार, 75% अनुदान वृद्धि की संचिका पहले ही मंत्रिपरिषद में भेजी गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने शिक्षा सचिव से विमर्श करने के लिए उसे वापस किया था। विभाग ने अब समय निर्धारण के लिए संचिका पुनः मुख्यमंत्री को भेज दी है। जैसे ही समय तय होगा, शिक्षा सचिव मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर वार्ता करेंगे।

मोर्चा ने 31 अक्टूबर तक धरना स्थगित किया

वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने विभागीय तेजी को देखते हुए अपना 15 अक्टूबर का प्रस्तावित महा धरना फिलहाल 31 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया है। हालांकि, 15 अक्टूबर को पूरे राज्य में इंटर कॉलेजों, उच्च विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों और मदरसा विद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारी राज्यव्यापी शैक्षणिक हड़ताल पर रहेंगे।

15 अक्टूबर को बंद रहेंगे 1250 संस्थान

मोर्चा के निर्णय के अनुसार, राज्य के करीब 1250 वित्त रहित शिक्षण संस्थान उस दिन बंद रहेंगे। 10,000 से अधिक शिक्षक और कर्मचारी स्कूल–कॉलेज के गेट पर प्रदर्शन करेंगे और सरकार से 75% अनुदान वृद्धि प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद में भेजने और बिहार की तर्ज पर वेतनमान लागू करने की मांग करेंगे।

राज्यकर्मी दर्जे की मांग पर अदालत जाने की तैयारी

मोर्चा के नेताओं ने बताया कि कार्मिक विभाग ने शिक्षा विभाग को वित्त रहित शिक्षकों को राज्यकर्मी दर्जा देने का पत्र भेजा है, लेकिन अब तक उस पर कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर मोर्चा झारखंड उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है।

बिहार से तुलना पर जताया रोष

बैठक में नेताओं ने कहा कि बिहार सरकार ने 50,000 वित्त रहित शिक्षकों को वेतन देने का निर्णय लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बना दी है। वहीं, संबद्ध डिग्री कॉलेजों को 75% अनुदान मिल चुका है, लेकिन इंटर, उच्च विद्यालय, संस्कृत और मदरसा विद्यालयों के लिए प्रस्ताव लंबित है।

बालिका समृद्धि योजना से वंचित हैं संस्थान

मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि पहले सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना सभी वित्त रहित विद्यालयों को मिलती थी, लेकिन इस बार उसका पोर्टल ही नहीं खुला। बिहार सरकार इस योजना को चालू रखे हुए है, जबकि झारखंड सरकार ने इसे रोक दिया है।

आंदोलन का रोडमैप तैयार

बैठक में लिए गए पांच प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं —
1️⃣ 15 अक्टूबर को प्रस्तावित महा धरना को 31 अक्टूबर तक स्थगित किया गया।
2️⃣ 15 अक्टूबर को पूरे राज्य में शैक्षणिक हड़ताल रहेगी।
3️⃣ 16 अक्टूबर को धुर्वा, रांची स्थित सर्वोदय बाल निकेतन में प्राचार्यों व प्रतिनिधियों की बैठक होगी।
4️⃣ नवंबर में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
5️⃣ नवंबर माह में राज्यकर्मी दर्जे की मांग पर बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया।

बैठक में शामिल रहे प्रमुख पदाधिकारी

बैठक की अध्यक्षता चंदेश्वर पाठक ने की। उपस्थित प्रमुख नेताओं में फजलुल कादरी अहमद, देवनाथ सिंह, संजय कुमार, अरविंद सिंह, पशुपति महतो, मनोज तिर्की, रघुनाथ सिंह, विनय कुमार, कमलदेव सिंह, सीमा कुमारी सहित सभी सदस्य शामिल रहे। बैठक के निर्णयों की जानकारी प्रेस को मनीष कुमार और अरविंद सिंह ने दी।

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