सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित
शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते: सचिव उमा शंकर सिंह
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने शुक्रवार को रांची जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा फरवरी माह में सेवानिवृत्त होने वाले दो प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं 16 शिक्षकों को सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह विभागीय सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित किया गया, जहां शिक्षकों को मोमेंटो, शॉल एवं सभी तरह की पावनाएं प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सचिव ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते। उनका योगदान न केवल छात्रों बल्कि पूरे समाज के लिए अविस्मरणीय होता है। शिक्षकगण अपने निष्ठा और समर्पण के कारण हमेशा याद रखे जाएंगे।
नव साक्षर भारत प्रोजेक्ट से जुड़ने का आह्वान
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि, प्राथमिक शिक्षा निदेशक शशि प्रकाश सिंह ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के जीवन भर के योगदान की सराहना की। उन्होंने सभी शिक्षकों से “नव साक्षर भारत प्रोजेक्ट – उल्लास” के जन चेतना केंद्र से जुड़ने का आह्वान किया, जिससे शिक्षा का दायरा और व्यापक हो सके।
सेवानिवृत्ति के दिन सभी लाभ देने की प्रक्रिया जारी रहेगी
रांची जिला शिक्षा अधीक्षक ने शिक्षकों की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि वे समाज के निर्माता होते हैं। उनका योगदान एक पीढ़ी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अनंतकाल तक प्रभावी रहता है। उन्होंने जानकारी दी कि जनवरी 2025 में भी उपायुक्त रांची महोदय द्वारा 28 सेवानिवृत्त शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी लाभ प्रदान किए गए थे, और यह प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहेगी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस सम्मान समारोह में अवर सचिव शिक्षा, जिला शिक्षा अधीक्षक रांची, जिले के क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य विभागीय कर्मी उपस्थित रहे।
