अनुदान में गड़बड़ी से नाराज़ शिक्षक–कर्मचारी, दशहरा पर नहीं मनाएंगे पर्व, रहेंगे उपवास
मुख्य बिंदु
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600 स्कूल-इंटर कॉलेज के 5000 से ज्यादा शिक्षक–कर्मचारी दशहरा नहीं मनाएंगे
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वित्तीय वर्ष 2024–25 की 12% बकाया राशि समय पर नहीं भेजी गई
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लगभग 15–20 करोड़ की राशि गलत संस्थानों को चली गई
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वित्त रहित मोर्चा ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
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दिवाली से पहले आंदोलन की चेतावनी
अनुदान की राशि वितरण में गड़बड़ी
रांची, 27 सितंबर 2025- वित्तीय वर्ष 2024–25 में राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये अनुदान के लिए प्रावधान किया था। लेकिन वितरण में गंभीर गड़बड़ी सामने आई। कुछ स्कूलों को लाखों की अतिरिक्त राशि भेज दी गई। उदाहरण के लिए, एक विद्यालय को 9.60 लाख रुपये मिलना चाहिए था, लेकिन उसे 96 लाख भेज दिए गए। इसी तरह एक संस्थान को 7.20 लाख मिलना था, जबकि 72 लाख भेज दिए गए।
इस गड़बड़ी के चलते 15–20 करोड़ रुपये गलत ढंग से खर्च हो गए और बाद में विभाग ने राशि वापस तो मांगी, लेकिन 31 मार्च की वजह से वह लैप्स हो गई। नतीजतन, कई स्कूल–कॉलेज बकाया से वंचित रह गए।
अपीलीय आवेदन पर भी फैसला लंबित
अनुदान अधिनियम 2004 के मुताबिक, अगर किसी संस्थान की राशि रोकी जाती है तो अपीलीय आवेदन पर विभाग को 31 अगस्त तक फैसला करना होता है। हालांकि, अनुदान समिति की बैठक और आवेदन जमा होने के बावजूद आज तक राशि जारी नहीं की गई है।
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दशहरा पर नहीं मनाएंगे शिक्षक–कर्मचारी
वित्त रहित मोर्चा ने कहा है कि जब बच्चों के पास त्योहार मनाने के लिए पैसे ही नहीं होंगे, तो वे भी दशहरा पर्व नहीं मनाएंगे।
कुंदन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि 600 से अधिक स्कूल और इंटर कॉलेजों के 5000 से ज्यादा शिक्षक–कर्मचारी दशहरा के दिन उपवास रखेंगे।
मोर्चा की मांग और चेतावनी
बैठक में सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई। दोषी पदाधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की अपील की गई।
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि:
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2025–26 के अनुदान के लिए संस्थान तब तक प्रपत्र नहीं भरेंगे, जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती।
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दिवाली से पहले सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
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75% अनुदान बढ़ाने का प्रस्ताव तुरंत कैबिनेट में भेजा जाए।
उपस्थित लोग
बैठक में रघुनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कादरी अहमद, चंदेश्वर पाठक, गणेश महतो, अरविंद सिंह, देवनाथ सिंह, मनोज तिर्की, मनीष कुमार, रेशमा बेक, नरोत्तम सिंह, संजय कुमार, पशुपति महतो, विरसो उरांव, मुरारी प्रसाद सिंह, मनोज कुमार, रघु विश्वकर्मा, विनय उरांव और रणजीत मिश्रा शामिल रहे।
