डुमरी में पंचायत सेवक सुखलाल महतो की मौत के बाद हड़कंप, आत्महत्या से पहले लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप
– सोशल मीडिया पर छोड़ा पत्र, बीडीओ और मुखिया पति समेत कई पर लगाए गंभीर आरोप
मुख्य बिंदु:
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डुमरी प्रखंड के बलथरिया पंचायत में तैनात पंचायत सेवक ने कीटनाशक खाकर की आत्महत्या की कोशिश
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इलाज के दौरान रांची RIMS में हुई मौत
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मरने से पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किया भावुक पत्र
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बीडीओ, मुखिया पति, पीएम आवास बीसी और रोजगार सेवक पर लगाया मानसिक उत्पीड़न का आरोप
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गिरिडीह डीसी ने दिए जांच के आदेश, बनी उच्चस्तरीय जांच कमेटी
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डुमरी विधायक और गिरिडीह सांसद ने की परिजनों से मुलाकात, कार्रवाई की मांग
जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या की कोशिश, इलाज के दौरान हुई मौत
गिरिडीह, डुमरी, 15 जून | गिरिडीह के डुमरी प्रखंड अंतर्गत बलथरिया पंचायत में तैनात पंचायत सेवक सुखलाल महतो की इलाज के दौरान मौत हो गई है। शुक्रवार को उन्होंने कार्यालय परिसर में ही कीटनाशक खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। उन्हें तत्काल डुमरी से पीएमसीएच ले जाया गया और फिर हालत गंभीर होने पर रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

मृत्यु से पहले फेसबुक पर लिखा दर्दनाक पत्र
मौत से पहले पंचायत सेवक सुखलाल महतो ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पत्र पोस्ट किया था। यह पत्र उन्होंने डुमरी विधायक जयराम महतो को संबोधित करते हुए लिखा था। इसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि डुमरी बीडीओ, पंचायत के मुखिया पति, प्रधानमंत्री आवास योजना के बीसी और रोजगार सेवक लगातार उन पर मानसिक दबाव बना रहे थे। इस दबाव के कारण वे बेहद तनावग्रस्त हो गए थे और आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हुए।

जांच के आदेश, बनी उच्चस्तरीय कमेटी
घटना को गंभीरता से लेते हुए गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है, जिसमें अपर समाहर्ता विजय सिंह बिरुआ, एसडीएम संतोष कुमार गुप्ता, डीएसपी नीरज कुमार सिंह और डॉ. रवि महर्षि को शामिल किया गया है।
इस टीम ने डुमरी अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर बीडीओ समेत कई कर्मियों से पूछताछ भी की है।
विधायक और सांसद ने उठाई कार्रवाई की मांग
घटना के बाद डुमरी विधायक जयराम महतो ने राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ईमानदार कर्मचारी को सिस्टम ने आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया।
वहीं, गिरिडीह के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने भी मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।
तनाव की आशंका को देखते हुए पुलिस बल तैनात
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए डुमरी एसडीओ ने सात संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की है। एसडीपीओ सुमित कुमार राजावत ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले की जांच गंभीरता से कर रहा है। साथ ही पुलिस विभाग की ओर से भी हर पहलू की अलग से जांच की जा रही है।
क्या कहते हैं जानकार?
स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत कर्मियों में इस घटना को लेकर रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, ऐसे मामले दोबारा हो सकते हैं। यह घटना न केवल एक सरकारी कर्मचारी की मौत है, बल्कि सिस्टम की उस लापरवाही की बानगी है, जो निचले स्तर पर कर्मचारियों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर मजबूर कर रही है।
