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Sudesh Mahto: बलिदान दिवस केवल स्मरण नहीं, झारखंडी भावना का जागरण है.

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22 जून को बलिदान दिवस: शहीदों की स्मृति और झारखंड के पुनर्निर्माण का संकल्प

🔹 प्रमुख बिंदु 

  • सुदेश महतो की अध्यक्षता में बोकारो में बैठक

  • छात्रों और युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर

  • बलिदान दिवस को सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जागरूकता से जोड़ने की योजना

  • 22 जून को रांची में भव्य आयोजन, पेसा कानून व राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी होगी चर्चा



बलिदान दिवस की तैयारियों को लेकर आजसू पार्टी सक्रिय

झारखंड की राजनीतिक चेतना और आंदोलन की विरासत को स्मरण करते हुए आजसू पार्टी ने आगामी 22 जून को बलिदान दिवस को ऐतिहासिक और प्रभावशाली बनाने की कमर कस ली है। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो की अध्यक्षता में बोकारो के चंद्रपुरा गेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें इस दिन को व्यापक स्तर पर मनाने की रणनीति बनाई गई।

“बलिदान की बुनियाद पर खड़ा है झारखंड” – सुदेश महतो

बैठक को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि बलिदान दिवस झारखंड के उन वीर शहीदों की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने अपनी संस्कृति, अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा,

“यह दिन केवल स्मरण का नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और पुनःसंकल्प का दिन है। झारखंड आजसू ने बलिदान की बुनियाद पर खड़ा किया है, अब समय है उस भावना को नई पीढ़ी में जगाने का।”

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युवाओं की भागीदारी को लेकर बनाई गई कार्ययोजना

बैठक में खासतौर पर छात्रों और युवाओं को बलिदान दिवस में जोड़ने पर विशेष रणनीति तैयार की गई। सुदेश महतो ने निर्देश दिया कि ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक कार्यकर्ता जागरूकता अभियान चलाएं ताकि हर पंचायत से प्रतिनिधित्व हो सके। उन्होंने कहा:

“बलिदान दिवस केवल अतीत की याद नहीं, बल्कि युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, राजनीतिक चेतना और एकता का संकल्प है।”

रांची में होगा भव्य समारोह, होंगे विचार विमर्श

आजसू पार्टी ने यह तय किया है कि 22 जून को रांची में एक भव्य आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में युवाओं के साथ विशेष संवाद आयोजित होगा, जिसमें पेसा कानून के क्रियान्वयन, राज्य की आर्थिक स्थिति, और झारखंड की सामाजिक चुनौतियों पर खुलकर चर्चा होगी।

जिलों और प्रखंडों में प्रचार अभियान

बैठक में यह भी तय किया गया कि बलिदान दिवस को लेकर जमीनी स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पार्टी ने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे लोगों को बलिदान दिवस के महत्व से जोड़ें और झारखंडी भावना को जन-जन तक पहुंचाएं।

“युवाओं में जागे झारखंडी आत्मा” – सुदेश महतो

बैठक के दौरान सुदेश महतो ने यह भी कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के मन में झारखंडी आत्मा और सामाजिक दायित्व की भावना को जागृत करना है। उन्होंने कहा,

“हम नई पीढ़ी को शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं।”

इन नेताओं की रही भागीदारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी रही, जिनमें शामिल थे:

  • गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी

  • गोमिया के पूर्व विधायक लंबोदर महतो

  • हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी संजय मेहता

  • डुमरी की पूर्व प्रत्याशी यशोदा देवी

  • बोकारो जिला अध्यक्ष सचिन महतो, जिन्होंने बैठक का संचालन किया

बलिदान की विरासत से निर्माण की ओर

22 जून का बलिदान दिवस केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान की जिम्मेदारी और भविष्य की दिशा का प्रतीक बन चुका है। आजसू पार्टी इस अवसर को झारखंड के पुनर्निर्माण, युवाओं के नेतृत्व और सामाजिक समरसता के संकल्प के रूप में देख रही है।

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