सुदेश महतो उग्रवादियों की हिटलिस्ट में, आजसू पार्टी ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
आजसू पार्टी का आरोप: सरकार सुरक्षा को लेकर लापरवाह, साजिश का हो पर्दाफाश
रांची, 07 अगस्त 2025- झारखंड की राजनीति में हलचल तब तेज हो गई जब आजसू पार्टी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख सुदेश महतो का नाम उग्रवादियों की हिटलिस्ट में होने का खुलासा करते हुए इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है और सुरक्षा की पुनः समीक्षा अविलंब होनी चाहिए।
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पार्टी की मांग: सरकार बताए सुदेश महतो निशाने पर क्यों?
आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर और हसन अंसारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सुदेश महतो पर बार-बार हमले की साजिश रची जाती रही है, लेकिन आज तक पुलिस इन घटनाओं के पीछे के कारणों और षड्यंत्रकारियों का खुलासा नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ नेता शीघ्र ही राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे।
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कामडारा मुठभेड़ से जुड़ा सनसनीखेज खुलासा
प्रवीण प्रभाकर ने बताया कि दो दिन पूर्व गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र में मारे गए पीएलएफआई उग्रवादी मार्टिन केरकेट्टा ने भी सुदेश महतो को अपनी हिटलिस्ट में शामिल किया था और उन पर हमले की योजना बना रहा था। यह योजना 2023 में अनगड़ा थाना क्षेत्र में एक गुप्त बैठक के दौरान बनी थी, जिसकी जानकारी पुलिस को छापामारी के बाद मिली थी।
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5 करोड़ की सुपारी और साजिशों की लंबी फेहरिस्त
हसन अंसारी ने जानकारी दी कि इससे पहले एक राजनेता द्वारा उग्रवादियों को सुदेश महतो की हत्या के लिए 5 करोड़ रुपये की सुपारी देने की बात सामने आई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों बार-बार सुदेश महतो को निशाना बनाया जा रहा है? इसके पीछे की राजनीतिक साजिश की गहराई से जांच होनी चाहिए।
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2005 से लेकर 2014 तक चलीं जानलेवा कोशिशें
प्रेस वार्ता में आजसू नेताओं ने बताया कि:
2005 में सिल्ली से पोगड़ा जाते समय सुदेश महतो की गाड़ी के रास्ते में केन बम लगाने की साजिश रची गई थी।
2013 में पीएलएफआई कमांडर जीदन गुड़िया ने एक राजनेता से 5 करोड़ रुपये लेकर सिल्ली प्रतिभा महोत्सव (27-28 जनवरी 2014) में टाइम बम से हमला करने की योजना बनाई थी।
जब यह योजना विफल हो गई, तो 26 फरवरी 2014 को जोन्हा के विवाह समारोह में हमला करने की साजिश बनाई गई, जिसे पुलिस और ग्रामीणों की तत्परता से नाकाम कर दिया गया।
एक खुलासे में यह भी सामने आया कि उग्रवादी देव सिंह मुंडा को साजिश के तहत आजसू पार्टी में शामिल किया गया था।
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तिलेश्वर साहु की हत्या और रामचंद्र सहिस की सुरक्षा का मुद्दा
आजसू नेताओं ने यह भी बताया कि 2014 में पीएलएफआई द्वारा पार्टी के केंद्रीय महासचिव तिलेश्वर साहु की हत्या भी कर दी गई थी।
उन्होंने यह मांग भी रखी कि पूर्व मंत्री और पार्टी के प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस की सुरक्षा को बिना कारण वापस ले लिया गया है, जिसे तत्काल बहाल किया जाए।
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🔴 आजसू पार्टी की मुख्य मांगें:
1. सुदेश महतो की सुरक्षा की उच्चस्तरीय समीक्षा हो।
2. बार-बार हो रही हत्या की साजिशों की CBI या NIA से जांच कराई जाए।
3. जिन राजनेताओं के नाम सुपारी मामले में सामने आए, उन पर कार्रवाई हो।
4. रामचंद्र सहिस की सुरक्षा तुरंत बहाल की जाए।
5. उग्रवादी गतिविधियों में राजनीतिक साजिश के एंगल की जांच हो।
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आजसू पार्टी ने साफ कर दिया है कि अगर सरकार इस विषय में चुप रही, तो पार्टी जनता के बीच जाकर इस मामले को उठाएगी। प्रेस वार्ता में पार्टी ने बार-बार दोहराया कि यह केवल एक व्यक्ति की सुरक्षा नहीं, बल्कि लोकतंत्र और राजनीतिक स्वतंत्रता का सवाल है।
