आकलन सफल सहायक अध्यापकों की एसपीडी से वार्ता संपन्न, कई बिंदुओं पर बनी सहमति
मुख्य बिंदु:
आकलन सफल प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों ने रखा 45000 शिक्षकों का मुद्दा
बिहार की तर्ज पर वेतनमान और सेवा शर्तों में संशोधन की मांग
एसपीडी शशि रंजन ने दो दिनों में समझौता पत्र देने का भरोसा दिलाया
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रांची में हुई अहम बैठक
रांची | झारखंड राज्य आकलन सफल सहायक एवं प्रशिक्षित अध्यापक संघ के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक राज्य परियोजना निदेशक (SPD) शशि रंजन के साथ संपन्न हुई। बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत तिवारी के नेतृत्व में हुई, जिसमें कई लंबित मांगों पर करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा चली।

इस वार्ता का आयोजन 4 नवंबर को किया गया था, जब संघ द्वारा जारी आंदोलन के बीच परियोजना निदेशक की पहल पर बैठक तय हुई। बैठक में संघ की ओर से विस्तृत मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें राज्य के लगभग 45,000 आकलन सफल अध्यापकों के वेतनमान और सेवा शर्तों से जुड़ी मांगें शामिल थीं।
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संघ ने रखीं प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान संघ ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—
आकलन सफल और प्रशिक्षित शिक्षकों को बिहार के तर्ज पर वेतनमान दिया जाए।
सहायक अध्यापक नियमावली 2021 में संशोधन करते हुए आकलन को JETET के समकक्ष मान्यता दी जाए और प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
भविष्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन्हें सहायक आचार्य में पदोन्नति का अवसर मिले।
JETET परीक्षा में पासिंग मार्क्स में 20% की छूट और कुल 40% ओवरऑल पासिंग मार्क्स रखे जाएं।
सहायक अध्यापकों को अनुबंध कर्मी की श्रेणी में शामिल किया जाए और सेवा आयु 62 वर्ष तय की जाए।
1700 शिक्षकों का रोका गया मानदेय शीघ्र जारी किया जाए।
महंगाई भत्ता को ध्यान में रखते हुए वार्षिक वृद्धि 4% से बढ़ाकर 8% की जाए।
पहले हुए समझौते के अनुसार ₹1000 मासिक वृद्धि तत्काल लागू की जाए।
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एसपीडी ने दिया भरोसा
राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने संघ की सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि इन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर समझौता पत्र तैयार कर संघ को सौंपा जाएगा, जिससे आगे की प्रक्रिया स्पष्ट हो सके।
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बैठक में मौजूद रहे कई प्रतिनिधि
बैठक में संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत तिवारी, महासचिव संजीव कुमार सिंह उर्फ बबलू, उपाध्यक्ष महेश कुमार मेहता, और युगल किशोर प्रसाद उपस्थित थे। इसके अलावा वार्ता के बाद राज्य परियोजना कार्यालय के बाहर भी बड़ी संख्या में सहायक अध्यापक उपस्थित रहे, जिनमें बसंत कुमार, अरुण कुमार, उमेश कुमार, रेणुका कुजूर, लिली प्रसाद, संजय कुशवाहा, अनीता करकेटा, जागेश्वर मुंडा समेत दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल थीं।
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संघ ने जताया विश्वास
बैठक के पश्चात संघ पदाधिकारियों ने कहा कि एसपीडी की सकारात्मक पहल से उम्मीद जगी है कि सहायक अध्यापकों के हित में ठोस निर्णय जल्द लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि तय समय में समझौता लागू नहीं किया गया, तो आंदोलन को पुनः तेज किया जाएगा।
