सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के छात्रों ने देखा एयर शो.
नामकुम आर्मी ग्राउंड में दिखा वायुसेन का रोमांच, बच्चों ने कहा- हम भी बनेंगे देश की शान
✳️ मुख्य बिंदु:
नामकुम, रांची में एयर शो का आयोजन
सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
CM School of Excellence की छात्रों ने किया अवलोकन
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर विशेष व्यवस्था
देश सेवा का जज़्बा भरने का प्रयास
🔹 नामकुम में आसमान पर छाया जज़्बा और जुनून
रांची के नामकुम स्थित खोजाटोली आर्मी ग्राउंड का शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा, जब आसमान में भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम के रोमांचक करतबों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खास बात यह रही कि इस अद्भुत प्रदर्शन के गवाह CM School of Excellence के छात्र भी बने। जिन्हें उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
🔹 छात्राओं में दिखा गज़ब का जोश
जैसे ही सूर्य किरण टीम के फाइटर प्लेन्स ने आसमान में विविध आकृतियाँ बनाईं, छात्राएं तालियों और उत्साह से भर गईं। उन्होंने कभी तिरंगा बनते देखा, कभी दिल की आकृति। कुछ छात्राएं तो पहली बार लड़ाकू विमानों को इतनी नजदीक से देख रही थीं, इसलिए उनका रोमांच देखने लायक था।
एक छात्रा ने कहा:
“मैंने आज जो देखा, वो जिंदगी भर नहीं भूलूंगी। मैं भी एक दिन वायु सेना में जाकर देश सेवा करना चाहती हूं।”
उपायुक्त के निर्देश पर छात्रों को दिखाया गया एयर शो
🔹 सूर्य किरण टीम से मुलाकात ने बढ़ाया आत्मविश्वास
एयर शो के बाद बच्चों को मौका मिला सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम के पायलटों और अधिकारियों से मिलने का। बच्चों ने उनके साथ बातचीत की, सवाल पूछे और उनके अनुभवों को सुना। टीम के सदस्यों ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पढ़ाई और अनुशासन का महत्व बताया।
टीम के एक सदस्य ने कहा:
“आप जैसे बच्चों में ही भविष्य के योद्धा छिपे होते हैं। बस मेहनत करो, सपना देखो और कभी हार मत मानो।”
🔹 उपायुक्त का उद्देश्य – बच्चों में राष्ट्रभक्ति का भाव
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से स्कूली बच्चों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और देश सेवा का भाव विकसित होता है। उन्होंने बताया कि एयर शो का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बच्चों को भारतीय वायु सेवा के पराक्रम से अवगत कराना है।
उन्होंने कहा:
“आज की छात्राएं कल की सेना, प्रशासन और राष्ट्र की नेतृत्वकर्ता होंगी। उन्हें सही समय पर सही प्रेरणा मिले, यही हमारा प्रयास है।”
🔹 शिक्षा से लेकर राष्ट्रसेवा तक: छात्राओं की नई सोच
आज के इस कार्यक्रम ने केवल छात्राओं को रोमांचित ही नहीं किया, बल्कि उनके सोचने का तरीका भी बदल दिया। कई छात्राओं ने कहा कि अब तक वे डॉक्टर, इंजीनियर बनना चाहती थीं, लेकिन अब उनका सपना है कि वे भारतीय वायु सेना या रक्षा क्षेत्र में जाकर देश के लिए कुछ करें।
यह बदलती सोच एक बड़े सामाजिक परिवर्तन का संकेत है, जहां लड़कियां अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि रक्षा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी खुद को साबित करना चाहती हैं।
🔹 अभिभावकों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
इस कार्यक्रम को लेकर अभिभावक और शिक्षक भी काफी उत्साहित दिखे। CM School of Excellence की एक शिक्षिका ने कहा,
“हम बच्चों को किताबों से बाहर निकालकर वास्तविक दुनिया से जोड़ना चाहते हैं। आज के अनुभव ने उन्हें सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और उद्देश्य दिया है।”
नामकुम एयर शो सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं था, यह प्रेरणा और राष्ट्रीय चेतना का सजीव उदाहरण था। छात्राओं के चेहरे पर जो आत्मविश्वास और ऊर्जा दिखी, वो झारखंड के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है। इस तरह के आयोजनों से जहां एक ओर बच्चों को नये अनुभव मिलते हैं, वहीं उन्हें अपने जीवन की दिशा तय करने में भी सहायता मिलती है।
भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण टीम ने आसमान में जो रंग बिखेरे, उन्होंने जमीन पर खड़े नन्हे दिलों में भी सपनों के पंख लगा दिए।