पुरी रथ यात्रा में भगदड़ से मचा हाहाकार: तीन श्रद्धालुओं की मौत, दर्जनों घायल
गुंडिचा मंदिर के पास मची अफरा-तफरी, माला लाने वाले ट्रकों से बिगड़ा संतुलन
प्रमुख बिंदु:
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पुरी की ऐतिहासिक रथ यात्रा में भगदड़ से तीन श्रद्धालुओं की मौत
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मृतकों में बसंती साहू, प्रेमकांत मोहंती और प्रभाती दास शामिल
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30 से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल
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हादसा 29 जून की सुबह करीब 4:30 बजे हुआ
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दो ट्रकों द्वारा माला लाए जाने से मचा अफरा-तफरी
रथ यात्रा की भीड़ में मातम का माहौल
पुरी (ओडिशा)। भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान रविवार, 29 जून को एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुबह करीब 4:30 बजे गुंडिचा मंदिर के पास भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई है और दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। यह घटना तब घटी जब हजारों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों के दर्शन के लिए एकत्रित थे।
मृतकों के नाम और स्थिति की पुष्टि
घटना में जिन तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई है, उनकी पहचान बसंती साहू, प्रेमकांत मोहंती और प्रभाती दास के रूप में हुई है। वहीं घायलों की संख्या दर्जनों में है, जिनमें से 30 से अधिक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
ट्रकों की एंट्री बनी भगदड़ की वजह
जानकारी के अनुसार, भगदड़ की यह घटना उस समय हुई जब सुबह के वक्त दो ट्रक माला लेकर गुंडिचा मंदिर के निकट पहुंच गए। पहले से ही रथ यात्रा के दर्शन के लिए जुटे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ में ट्रकों के अचानक प्रवेश से अफरा-तफरी मच गई। लोगों का संतुलन बिगड़ने से एक-दूसरे पर गिरने लगे और कुछ ही पलों में भगदड़ में तब्दील हो गया।
प्रशासन अलर्ट, राहत और बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। घायलों को त्वरित रूप से एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर रैपिड रिस्पॉन्स टीम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन ने रथ यात्रा के रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है और श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की है।
श्रद्धा की भीड़ में सावधानी जरूरी
पुरी की रथ यात्रा दुनियाभर में प्रसिद्ध है और इसमें लाखों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। हर साल इस आयोजन के दौरान विशेष सावधानियों के बावजूद भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बनी रहती है। यह घटना एक बार फिर बताती है कि धार्मिक आयोजनों में व्यवस्थाओं की सूक्ष्मता और सुरक्षा प्रबंधन में किसी भी तरह की चूक जनहानि का कारण बन सकती है।
जांच के आदेश, श्रद्धालुओं में आक्रोश
ओडिशा सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा भी जल्द की जा सकती है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर श्रद्धालुओं में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर नाराज़गी देखी जा रही है।
