कार्यक्रम का आयोजन
राज्य स्तरीय ‘सहकारिता समागम’ का आयोजन पुराना विधान सभा सभागार, राँची में किया गया। इस समागम में सहकारिता के विशेषज्ञ और सहकारिता से जुड़े हुए राज्य भर के नेतृत्वकारी साथी भाग लिए। इस समागम का मुख्य एजेंडा राज्य में सहकारिता की स्थिति और भविष्य में सहकारिता आंदोलन को राज्य स्तर पर गति देने के लिए गहन विचार-विमर्श रहा।
उद्घाटन समारोह
कार्यक्रम का उद्घाटन श्रम मंत्री माननीय सत्यानंद भोक्ता जी ने दीप प्रज्वलित कर किया। भारतीय लोक सहकारिता महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जैनेंद्र कुमार जी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
विषय प्रवेश और रूपरेखा
महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री अमल आज़ाद ने आज के कार्यक्रम का विषय प्रवेश कराया। इसमें राज्य के विकास में सहकारिता से समृद्धि की संभावना और महासंघ के कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। महासंघ के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुधांशु शेखर जी ने पाँच प्रस्ताव रखे जिसे सर्वसम्मति से पारित और स्वीकृत किया गया।
सरकारी समर्थन और आश्वासन
मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने मुख्यमंत्री से बात कर सहकारिता आंदोलन को तेज करने में आ रही बाधाओं को दूर करने और सहकारिता को सुगम और लोकप्रिय बनाने में मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि केरल की तरह झारखंड में भी राज्य को समृद्ध करने में सहकारिता की अहम भूमिका बनेगी। सहकारी समितियों को लोकतांत्रिक बनाने और इसमें ब्यूरोक्रेसी की दख़लंदाज़ी को समाप्त करने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएँगे।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
समागम में आमंत्रित सहकारिता के विशेषज्ञ शरदेंदु कुमार झा ने उपस्थित सहकारिता के नेतृत्वकारी साथियों का मार्गदर्शन किया और किसी भी प्रश्न या शंका निवारण के लिए सदैव उपलब्ध रहने का आश्वासन भी दिया।
अन्य वक्ता और विचार
समागम में मुख्य वक्ताओं में असम से आये भारतीय लोक सहकार महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री नवीन कलिता, सहकारिता आंदोलन के अग्रणी साथी सीपीएम के समीर दास, सीपीआई के महेंद्र पाठक, गिरिडीह से महासंघ के ज़िला सचिव श्री कामेश्वर पासवान ने अपने विचार रखे। लगभग हर ज़िले से भारी संख्या में सहकारिता में कार्यरत लोगों ने भाग लिया।
