आखिर कौन है रवि किशोर?
रवि किशोर पलामू के नई मोहल्ला का रहने वाला एक कोचिंग संचालक है, जिसका नाम सीजीएल पेपर लीक कांड में प्रमुखता से सामने आया है। फरवरी 2024 से उसकी तलाश की जा रही है, लेकिन वह अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
सीजीएल पेपर लीक मामले में प्रमुख भूमिका
28 जनवरी 2024 को हुए सीजीएल पेपर लीक कांड में रवि किशोर का नाम प्रमुख किरदार के रूप में सामने आया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कांड में उसका कनेक्शन बिहार विधानसभा में मार्शल के तौर पर कार्यरत रिज़वान से भी जुड़ा हुआ है। दोनों को इस रैकेट के साझेदार के रूप में कार्यरत बताया जा रहा है।
SIT की रिपोर्ट में खुलासा
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि रवि किशोर पेपर लीक कांड में मुख्य भूमिका निभा रहा था। जब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं होती, अन्य आरोपियों और कोचिंग संचालकों की गिरफ्तारी मुश्किल मानी जा रही है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है, लेकिन वह अब भी फरार है।
सिर्फ सीजीएल नहीं, PGT परीक्षा में भी संदिग्ध भूमिका
21 और 22 सितंबर 2024 को हुई सीजीएल परीक्षा भी संदेह के घेरे में है। इतना ही नहीं, पीजीटी परीक्षा में भी रवि किशोर की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। कुल मिलाकर, उसकी गिरफ्तारी इस पूरे मामले की जांच के लिए बेहद अहम है।
राजधानी रांची में कोचिंग सेंटर
आरोपी रवि किशोर रांची के कटहल मोड़ क्षेत्र में आईटी इन्फोटेक नाम से कोचिंग सेंटर भी संचालित करता है। यह कोचिंग सेंटर भी जांच के दायरे में है।
अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर
पुलिस ने कई बार छापेमारी की, लेकिन रवि किशोर अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। उसकी फरारी ने इस पूरे मामले को और जटिल बना दिया है।
