सूर्या हाँसदा एनकाउंटर मामला पहुँचा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, आजसू ने उठाई निष्पक्ष जाँच की मांग
रांची : झारखंड के चर्चित सूर्या हाँसदा एनकाउंटर प्रकरण ने अब नया मोड़ ले लिया है। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। आयोग ने इसे केस संख्या 1031/34/9/2025 के तहत दर्ज करते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यह मामला आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव संजय मेहता की ओर से आयोग को दिए गए विस्तृत आवेदन पर दर्ज किया गया। आजसू ने घटना के बाद लगातार 10 दिनों तक तथ्य और सूचनाएँ जुटाने के बाद 21 अगस्त को आयोग को पत्र लिखकर इस मामले की जांच कराने की मांग की थी।
संजय मेहता ने कहा कि सूर्या हाँसदा चार बार चुनाव लड़ चुके थे और मुख्यधारा की राजनीति से जुड़े व्यक्ति थे। वे किसी भी मामले में अदालत द्वारा फ़रार घोषित नहीं थे। ऐसे में कथित पुलिस एनकाउंटर में उनकी मौत ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा – “सजा देने का अधिकार सिर्फ अदालत को है, पुलिस को नहीं।”
आजसू पार्टी ने साफ़ कहा है कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।
पुलिसिंग पर उठे सवाल
संजय मेहता ने कहा कि झारखंड में पुलिस की कार्यशैली पर जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और माफियाओं के गठजोड़ से राज्य में फर्जी मुकदमे और फर्जी एनकाउंटर के जरिए आदिवासियों पर दमन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा – “सरकार आदिवासियों पर अत्याचार कर रही है। पुलिस अपनी छवि ‘रॉबिनहुड’ जैसी दिखाने के लिए फर्जी मुठभेड़ों का सहारा ले रही है। इससे राज्य में आक्रोश गहराता जा रहा है। आजसू हमेशा सच और न्याय की लड़ाई में पीड़ित पक्षों के साथ खड़ा रहेगा।”
