PGT भर्ती 2023: दो साल की नाकामी, JSSC की जिद ने तोड़ा सब्र—सेकंड DV लिस्ट पर शर्मनाक चुप्पी
रांची- झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (Jharkhand Staff Selection Commission) की PGT (स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक) भर्ती 2023 अब देरी नहीं, बल्कि खुली प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बन चुकी है। प्रक्रिया शुरू हुए दो साल से ज्यादा हो गए, पहला परिणाम आए भी अरसा बीत गया—लेकिन अंतिम और अनिवार्य चरण, सेकंड डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) लिस्ट, आज तक गायब है। यह लापरवाही नहीं तो और क्या है?
आश्वासन की राजनीति, ज़मीन पर सन्नाटा
अभ्यर्थियों ने आयोग के दफ्तर के चक्कर काटे, लिखित आवेदन सौंपे। दो माह में सूची जारी करने का आश्वासन मिला। दो माह क्या—उसके बाद भी आयोग ने न तो सूची जारी की, न कोई स्पष्टीकरण दिया। यह चुप्पी बताती है कि अभ्यर्थियों के भविष्य की कीमत आयोग के लिए शून्य है।
दो साल बाद भी अधूरी PGT भर्ती, सेकंड DV लिस्ट को लेकर अभ्यर्थी नाराज़
करियर बंधक, भविष्य ठप
दो साल से लटकी प्रक्रिया ने हजारों योग्य अभ्यर्थियों को करियर-बंधक बना दिया है। न आगे की तैयारी संभव, न किसी दूसरे विकल्प पर फैसला। समय, उम्र, ऊर्जा—सब बर्बाद। सवाल सीधा है: इस देरी की जवाबदेही कौन लेगा?
स्कूलों में शिक्षक नहीं, आयोग बेखबर
राज्य के स्कूल शिक्षक संकट से जूझ रहे हैं। कक्षाएं प्रभावित हैं, बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर है। फिर भी आयोग का रवैया ऐसा जैसे यह समस्या उसकी नहीं। क्या शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की जिम्मेदारी भी किसी और पर डाल दी जाएगी?
अभ्यर्थियों की अंतिम चेतावनी
अभ्यर्थियों ने दो टूक कहा है—
“PGT सेकंड DV लिस्ट तुरंत जारी की जाए।
और कोई बहाना नहीं, कोई नई समय-सीमा नहीं।”
आंदोलन तय, टकराव की जिम्मेदारी आयोग की
यदि अब भी निर्णय नहीं हुआ, तो अभ्यर्थी लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी आयोग की होगी। सवाल यह नहीं कि आंदोलन होगा या नहीं—सवाल यह है कि आयोग कब जवाब देगा?
अब फैसला JSSC को करना है—या तो तुरंत सेकंड DV लिस्ट जारी कर इस शर्मनाक अध्याय को खत्म करे, या फिर बढ़ते गुस्से और सार्वजनिक दबाव का सामना करने के लिए तैयार रहे। इंतजार अब खत्म हो चुका है।
