जेपीएससी अभ्यर्थियों के लिए बने ‘प्रतिभा सेतु’ : आजसू का मुख्यमंत्री को पत्र
आजसू महासचिव संजय मेहता ने दिया सुझाव, कहा—मेधावी युवाओं को मिले वैकल्पिक अवसर
मुख्य बिंदु
आजसू महासचिव संजय मेहता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखा पत्र
यूपीएससी की तरह झारखंड में भी बने ‘जेपीएससी प्रतिभा सेतु’
अंतिम चयन से चूके मेधावी अभ्यर्थियों को मिले सरकारी-निजी अवसर
झारखंड के विकास कार्यों में उपयोग हो सकेगा प्रशिक्षित मानव संसाधन
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रांची, 13 सितम्बर 2025
आजसू के महासचिव और हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी संजय मेहता ने झारखंड में ‘जेपीएससी प्रतिभा सेतु’ बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर आग्रह किया कि राज्य सरकार इस दिशा में पहल करे ताकि झारखंड के मेधावी युवाओं को वैकल्पिक अवसर मिल सकें।
यूपीएससी मॉडल का दिया उदाहरण
पत्र में मेहता ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की “प्रतिभा सेतु” पहल का उल्लेख किया, जो 2018 में शुरू हुई थी। पहले इसे पब्लिक डिस्क्लोजर स्कीम (PDS) कहा जाता था। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां वे उम्मीदवार अपनी सहमति से प्रोफाइल दर्ज कर सकते हैं जो UPSC की सभी परीक्षाओं में सफल हुए, लेकिन अंतिम मेरिट सूची में शामिल नहीं हो पाए।
इस डेटाबेस को मंत्रालयों, सरकारी निकायों और पंजीकृत निजी कंपनियों को उपलब्ध कराया जाता है ताकि वे इन प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को रोजगार का अवसर दे सकें।
झारखंड में क्यों जरूरी है ‘जेपीएससी प्रतिभा सेतु’
मेहता ने कहा कि जेपीएससी की परीक्षाओं में कई उम्मीदवार प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार तक पहुँचने के बाद भी महज़ कुछ अंकों से अंतिम सूची से बाहर हो जाते हैं। ऐसे उम्मीदवार न केवल प्रतिभाशाली होते हैं बल्कि गहन प्रशिक्षण से भी गुजरते हैं।
उनके मुताबिक, “जेपीएससी प्रतिभा सेतु” की शुरुआत होने पर इन युवाओं को राज्य सरकार के विभिन्न प्रशासनिक या गैर-प्रशासनिक पदों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी कंपनियों में अवसर मिल सकते हैं। इससे झारखंड के प्रशासनिक और विकास कार्यों में इनकी क्षमता का लाभ लिया जा सकेगा।
युवाओं को मिलेगा नया रास्ता
संजय मेहता ने कहा कि यह पहल उन अभ्यर्थियों को मानसिक संबल भी देगी, जो मामूली अंतर से चयन से चूक जाते हैं। साथ ही झारखंड के युवाओं के सपनों को साकार करने और राज्य को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस प्रस्ताव पर तत्काल विचार कर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि युवाओं की प्रतिभा का बेहतर उपयोग झारखंड के भविष्य निर्माण में हो सके।
