JSSC परीक्षा स्थगन पर सियासी घमासान: रघुवर दास और चंपाई सोरेन दोनों ने सरकार को घेरा
मुख्य बिंदु:
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JSSC की तकनीकी/विशिष्ट स्नातक स्तरीय परीक्षा स्थगित होने पर सियासत तेज
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रघुवर दास ने कहा — “रात के अंधेरे में परीक्षा रद्द कर युवाओं से धोखा”
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चंपाई सोरेन ने भी आयोग पर साधा निशाना — “अगर परीक्षा नहीं करा सकते, तो सूचना पहले दें”
रांची:
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की झारखंड तकनीकी/विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा स्थगित किए जाने के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन — दोनों ने सोशल मीडिया पर सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है।

रघुवर दास बोले — “रात के अंधेरे में सरकार ने किया युवाओं के साथ धोखा”
पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के राज्यपाल रहे रघुवर दास ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा —
“धिक्कार है झारखंड सरकार पर! रात के अंधेरे में चोरी-छिपे JSSC परीक्षा स्थगित कर युवाओं के साथ धोखाधड़ी की गई है। हेमंत सरकार छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रही है। युवाओं की उम्र निकलती जा रही है, लेकिन यह निकम्मी सरकार एक परीक्षा भी समय पर नहीं करा पा रही। झारखंड के युवा इस निर्लज्ज सरकार को सबक सिखाएंगे।”
रघुवर दास का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई छात्रों और बेरोजगार युवाओं ने भी उनके इस पोस्ट को शेयर करते हुए नाराजगी जताई है।
चंपाई सोरेन ने भी जताई नाराजगी, कहा — “यह युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ है”
इस पूरे प्रकरण पर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी सरकार और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा —
“कल परीक्षा शुरू होने वाली थी। सभी अभ्यर्थी अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंच चुके थे, और अचानक परीक्षा स्थगित कर दी गई। यह युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ खिलवाड़ है। अगर आप परीक्षा लेने में सक्षम नहीं हैं, तो सूचना पहले दे सकते थे। अगर इतना भी नहीं कर सकते, तो ऐसी एजेंसियों को बंद कर देना चाहिए।”
चंपाई सोरेन का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे खुद हाल ही में मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अब विपक्ष में बैठकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
परीक्षा स्थगन से नाराज युवा बोले — “तैयारी और खर्च दोनों बेकार”
झारखंड के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने आयोग के इस निर्णय को “असामयिक” और “अन्यायपूर्ण” बताया है। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने किराया, आवास और भोजन पर काफी खर्च कर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की तैयारी की थी, लेकिन अंतिम क्षण में परीक्षा स्थगित कर दी गई।
विपक्षी एकजुट, सरकार पर बढ़ा दबाव
रघुवर दास और चंपाई सोरेन — दोनों की तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद अब JSSC और हेमंत सरकार पर विपक्षी दलों का दबाव बढ़ गया है। छात्र संगठनों ने भी आयोग से परीक्षा स्थगन के कारणों की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
