“कहां थे सूरज मंडल? अचानक राज्यपाल से मुलाकात, हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप”
मुख्य बातें
- लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे थे सूरज मंडल
- अचानक राज्यपाल से मुलाकात ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
- हेमंत सरकार पर “मूलवासियों की उपेक्षा” का आरोप
- OBC आरक्षण घटाने को लेकर जताई गंभीर चिंता
कहां लापता थे सूरज मंडल? अचानक एंट्री से बढ़ी चर्चा
अखिल भारतीय संपूर्ण क्रांति राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष Suraj Mandal पिछले कुछ समय से सार्वजनिक गतिविधियों से दूर नजर आ रहे थे।
इसी बीच उनकी अचानक सक्रियता और सीधे राज्यपाल से मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं—आखिर सूरज मंडल कहां थे और अब अचानक क्यों सामने आए?
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राज्यपाल से क्यों मिले सूरज मंडल?
जानकारी के अनुसार, Suraj Mandal ने झारखंड के राज्यपाल Santosh Gangwar से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान उन्होंने राज्य के विभिन्न मुद्दों, खासकर शिक्षा और सामाजिक असंतुलन से जुड़ी समस्याओं को उठाया। साथ ही, झारखंड आंदोलनकारियों की सूची से नाम हटाने का भी अनुरोध किया गया।
हेमंत सरकार पर बड़ा आरोप: “मूलवासियों की हो रही उपेक्षा”
मुलाकात के दौरान सूरज मंडल ने Hemant Soren सरकार पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मूलवासी समाज की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।
उनका कहना था कि झारखंड बनने के बाद भी मूल निवासियों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
OBC आरक्षण घटाने पर जताई चिंता
सूरज मंडल ने OBC आरक्षण को 27% से घटाकर 14% किए जाने पर भी गंभीर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि यह फैसला सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकता है और पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर असर डालता है।
इसके साथ ही उन्होंने अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षण बढ़ाकर 27% करने के फैसले पर भी सवाल उठाए।
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शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि झारखंड में खासकर उच्च शिक्षा की स्थिति बेहद खराब और निराशाजनक है।
उन्होंने विश्वविद्यालयों में प्रति कुलपतियों की नियुक्ति जल्द करने की मांग की, ताकि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
निष्कर्ष: राजनीति में फिर सक्रिय हुए सूरज मंडल
काफी समय बाद सामने आए सूरज मंडल की यह सक्रियता आने वाले समय में झारखंड की राजनीति को प्रभावित कर सकती है।
राज्यपाल से मुलाकात और सरकार पर सीधे आरोप यह संकेत दे रहे हैं कि अब राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिल सकता है।
