बंधु तिर्की ने टेटगामा हत्याकांड को बताया आदिवासी नेतृत्व की कमी का परिणाम, पप्पू यादव से भी की मुलाकात
मुख्य बिंदु:
-
बंधु तिर्की ने पूर्णिया में पीड़ित आदिवासी परिवार से की मुलाकात
-
पटना में पप्पू यादव से की बातचीत, घटनास्थल पर जाने की जानकारी साझा
-
आदिवासी समाज को “नेतृत्व विहीन” बताया, स्थायी समाधान की बात कही
-
टेटगामा क्षेत्र में सुविधाओं की कमी पर जताई चिंता
रांची/पटना, 10 जुलाई 2025 — कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने पूर्णिया जिले के टेटगामा गांव में पांच आदिवासी लोगों की नृशंस हत्या को लेकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने घटना को गंभीर सामाजिक विफलता करार देते हुए आदिवासी समाज को “नेतृत्व विहीन” बताया और सरकार से स्थायी समाधान की मांग की।
पटनाः पप्पू यादव से हुई खास चर्चा
पूर्णिया दौरे से लौटते समय बंधु तिर्की ने पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव से पटना स्थित आवास पर मुलाकात की। उन्होंने कहा कि, “माननीय सांसद स्वयं घटनास्थल का दौरा कर चुके हैं। मैंने उनसे बातचीत कर स्थिति को और गहराई से समझने का प्रयास किया।”
बंधु तिर्की ने पप्पू यादव से टेटगामा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए सहयोग मांगा और क्षेत्र में बार-बार दौरा करने की जरूरत पर बल दिया।
आदिवासी नेतृत्व की जरूरत पर दिया बल
सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बंधु तिर्की ने कहा कि बिहार में आदिवासी समाज राजनीतिक और सामाजिक रूप से नेतृत्वविहीन होता जा रहा है। इस वजह से उनकी समस्याएं न तो ठीक से उठ पाती हैं और न ही समाधान मिल पाता है।
उन्होंने लिखा, “अब समय आ गया है कि इन क्षेत्रों से नया नेतृत्व तैयार किया जाए जो वास्तव में समाज की पीड़ा को समझता हो और उसके लिए संघर्ष करे।”
सरकार से न्याय और विकास की मांग
बंधु तिर्की ने राज्य सरकार से टेटगामा गांव में मूलभूत सुविधाओं की तत्काल बहाली, पीड़ित परिवारों को मुआवजा, और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस इन घटनाओं को सिर्फ बयान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि ज़मीन पर आदिवासी समाज के हक के लिए संघर्ष करेगी।
