पारस एचईसी हॉस्पिटल की पहल, डॉक्टरों को मिला वेंटिलेशन का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण

झारखंड/बिहार राष्ट्रीय ख़बर

मैकेनिकल वेंटिलेशन वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने साझा किये अनुभव

रांची में पारस एचईसी हॉस्पिटल का आयोजन, स्वास्थ्यकर्मियों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण

रांची: पारस एचईसी हॉस्पिटल के तत्वावधान में “मैकेनिकल वेंटिलेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम एवं हैंड्स-ऑन वर्कशॉप” का आयोजन किया गया। होटल ली लेक में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।

इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य क्रिटिकल केयर से जुड़े चिकित्सा पेशेवरों को वेंटिलेटर के उपयोग और प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिला।

“मैकेनिकल वेंटिलेशन एक संवेदनशील प्रक्रिया”
क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ शिव अक्षत ने कहा कि मैकेनिकल वेंटिलेशन एक अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसमें मरीज की स्थिति के अनुसार हर समय सही सेटिंग और मॉनिटरिंग जरूरी होती है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित और दक्ष टीम ही बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित कर सकती है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि गंभीर मरीजों के इलाज में समय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। सही समय पर सही तकनीक का उपयोग करने से मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण से बढ़ी दक्षता
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को वेंटिलेटर के विभिन्न मोड, अलार्म सिस्टम, मरीज की प्रतिक्रिया के अनुसार सेटिंग में बदलाव और जटिल परिस्थितियों के प्रबंधन की गहन जानकारी दी गई। हैंड्स-ऑन सेशन ने प्रतिभागियों की व्यावहारिक समझ को और मजबूत किया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसे कार्यक्रमों की जरूरत
सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि निजी अस्पतालों को इस तरह के आयोजन नियमित रूप से करने चाहिए, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों में जागरूकता और दक्षता बढ़े।

पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ ओंकार कुमार झा ने कहा कि मैकेनिकल वेंटिलेशन का सही उपयोग गंभीर मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है और इसके लिए लगातार प्रशिक्षण जरूरी है।

नई तकनीकों के साथ अपडेट रहना जरूरी
फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ नीतेश कुमार ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों का लगातार अपडेट रहना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम टीमवर्क, समन्वय और प्रोटोकॉल आधारित उपचार को बढ़ावा देते हैं, जिससे मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल पाता है।

मरीजों को बेहतर उपचार देने की पहल
पारस एचईसी हॉस्पिटल का उद्देश्य चिकित्सा पेशेवरों को नवीनतम तकनीकों से सशक्त बनाना है, ताकि मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके। यह वर्कशॉप इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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