Paras HEC Hospital Ranchi

रांची के पारस एचईसी हॉस्पिटल में जटिल कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी सफल

झारखंड/बिहार राष्ट्रीय ख़बर

मुख्य बिंदु-

  1. रांची के पारस एचईसी हॉस्पिटल में जटिल कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी सफल

  2. डॉ. विवेक कुमार डेविड के नेतृत्व में हाई-रिस्क सर्जरी को अंजाम

  3. एलर्जी से ग्रसित वृद्ध महिला का विशेष हाइपोएलर्जेनिक इम्प्लांट से इलाज

  4. सर्जरी के 24 घंटे के भीतर मरीज ने चलना किया शुरू

  5. झारखंड में उन्नत ऑर्थोपेडिक उपचार का भरोसेमंद केंद्र बनता पारस एचईसी हॉस्पिटल


रांची में चिकित्सा जगत की बड़ी उपलब्धि, पारस एचईसी हॉस्पिटल में जटिल कूल्हा प्रत्यारोपण सफल

रांची: झारखंड की राजधानी स्थित पारस एचईसी हॉस्पिटल में चिकित्सा जगत की एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अस्पताल में एक अत्यंत जटिल कूल्हा प्रत्यारोपण (Hip Replacement) सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया, जिसके बाद मरीज मात्र 24 घंटे के भीतर चलने लगीं।

यह सर्जरी अस्पताल के कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. विवेक कुमार डेविड के नेतृत्व में की गई। मरीज एक वृद्ध महिला हैं, जिन्हें घर में गिरने के कारण कूल्हे की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था। इसके चलते वे न केवल चलने-फिरने में असमर्थ थीं, बल्कि करवट लेना भी बेहद दर्दनाक हो गया था।

एलर्जी ने बनाया मामला और भी जटिल

इस मामले को और अधिक जटिल बनाते हुए मरीज को कई दवाइयों और धातुओं से एलर्जी की समस्या थी। ऐसे में एनेस्थीसिया देने और इम्प्लांट के चयन में अत्यधिक सावधानी बरतना जरूरी था। इसी को ध्यान में रखते हुए सर्जरी से पहले विस्तृत जांच और विशेष एलर्जी परीक्षण किए गए।

डॉ. विवेक कुमार डेविड की टीम में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, एलर्जी विशेषज्ञ और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ शामिल थे। जांच के बाद मरीज के लिए विशेष हाइपोएलर्जेनिक इम्प्लांट और सुरक्षित दवाइयों का चयन किया गया, जिससे किसी भी प्रकार की एलर्जिक प्रतिक्रिया की आशंका पूरी तरह समाप्त हो सकी।

फास्ट-ट्रैक रिकवरी से मिली त्वरित राहत

सर्जरी पूरी तरह सफल रही। इसके बाद आधुनिक फिजियोथेरेपी और फास्ट-ट्रैक रिकवरी प्रोटोकॉल के तहत मरीज ने ऑपरेशन के मात्र 24 घंटे के भीतर चलना शुरू कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार मरीज की स्थिति तेजी से बेहतर हो रही है और उनकी रिकवरी संतोषजनक है।

विशेषज्ञों ने क्या कहा

इस अवसर पर डॉ. विवेक कुमार डेविड ने कहा कि आधुनिक जॉइंट रिप्लेसमेंट तकनीक, बेहतर योजना और मजबूत टीमवर्क के कारण अब अत्यंत जटिल मामलों का भी सुरक्षित और प्रभावी इलाज संभव हो पाया है।

वहीं, अस्पताल के फैसलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि पारस एचईसी हॉस्पिटल का उद्देश्य मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। जटिल से जटिल सर्जरी को सुरक्षित ढंग से करना अनुभवी मेडिकल टीम, अत्याधुनिक तकनीक और समन्वित स्वास्थ्य सेवाओं का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि इस सफल कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी से यह साबित होता है कि पारस एचईसी हॉस्पिटल झारखंड में उन्नत ऑर्थोपेडिक उपचार के लिए एक भरोसेमंद केंद्र के रूप में लगातार मजबूत हो रहा है। आने वाले समय में भी अस्पताल बेहतर, सुरक्षित और त्वरित इलाज प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

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