25 मार्च को नए विधानसभा के सामने महा धरना, शिक्षकों-कर्मचारियों से बड़ी भागीदारी की अपील
रांची: राज्य के इंटर कॉलेज, राज्य सरकार से स्थापना अनुमति प्राप्त विद्यालय, प्रस्वीकृत उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारियों ने 25 मार्च 2025 को नए विधानसभा के सामने महा धरना आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसमें सभी शिक्षक-कर्मचारी उपवास पर रहकर सरकार से अपनी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की अपील करेंगे।

5 मार्च की बैठक में हुआ था फैसला
इस महा धरना का निर्णय 5 मार्च 2025 को आयोजित एक बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। चूंकि बजट सत्र लंबा चलने वाला है, इसलिए शिक्षक-कर्मचारियों ने विधानसभा सत्र के दौरान अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखने के लिए इस धरने का आयोजन किया है।
राज्य कर्मी दर्जा और अनुदान वृद्धि के मुद्दे पर प्रदर्शन
शिक्षक मोर्चा लंबे समय से राज्य कर्मी का दर्जा और 75% अनुदान वृद्धि की मांग कर रहा है। इस विषय पर विधानसभा सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया है, जिसे वरिष्ठ विधायक रामचंद्र सिंह ने सदन में रखा है। धरने के दौरान सरकार का इस पर क्या रुख है, इसकी जानकारी सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को दी जाएगी।
संघर्ष के बिना अधिकार नहीं
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि संघर्ष ही लोकतंत्र में अधिकार प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने सभी शिक्षक-कर्मचारियों से 25 मार्च को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धरना को सफल बनाने की अपील की।
विशेष निर्देश
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धरने में शामिल होने वाले शिक्षक अपने-अपने विद्यालय का बैनर साथ लाएं।
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सभी शिक्षक एवं कर्मचारी इस दिन उपवास पर रहेंगे।
मोर्चा के नेताओं की अपील
मोर्चा के नेताओं कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कादरी अहमद, अरविंद सिंह, मनीष कुमार, गणेश महतो, नरोत्तम सिंह, रेशमा बैक, पशुपति महतो, मुरारी प्रसाद सिंह, मनोज तिर्की, विनय उराव, विरसो उराव, संजय कुमार, रघु विश्वकर्मा, मनोज कुमार, अनिल तिवारी और रणजीत मिश्रा ने संयुक्त रूप से शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
“मंजिल जरूर मिलेगी”
मोर्चा ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे इस आंदोलन को एक नए स्तर पर ले जाएं। “यदि हम सतत प्रयास करते हैं, तो मंजिल अवश्य मिलेगी,” मोर्चा ने अपने बयान में कहा।
