OBC Scholarship

OBC छात्रवृत्ति विवाद भड़का। NSUI सड़कों पर, कांग्रेस ने केंद्र को घेरा।

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NSUI के आंदोलन को कांग्रेस का खुला समर्थन, केंद्र पर लगाया उपेक्षा का आरोप

 मुख्य बिंदु-

  • दो वर्षों से OBC छात्रों की छात्रवृत्ति लंबित

  • NSUI का राज्यव्यापी आंदोलन तेज

  • कांग्रेस ने आंदोलन को दिया खुला समर्थन

  • केंद्र सरकार पर भविष्य से खिलवाड़ का आरोप

  • गरीबी व पिछड़े वर्ग के छात्रों पर असर: कांग्रेस


कांग्रेस ने NSUI आंदोलन को दिया मजबूती से समर्थन

रांची- झारखंड में OBC विद्यार्थियों की दो वर्षों से लंबित छात्रवृत्ति को लेकर छात्र संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में NSUI के राजव्यापी आंदोलन को अब कांग्रेस नेतृत्व का खुला समर्थन मिल गया है। रांची में आयोजित प्रदेश स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को छात्रों के हितों के खिलाफ बताया।

“भविष्य पर प्रहार”: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप

इसके साथ ही झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि छात्रवृत्ति रोक देने से लाखों युवाओं के सामने शिक्षा जारी रखने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्पष्ट कहा कि—
“बीजेपी और सेंट्रल गवर्नमेंट पूरी तरह जिम्मेदार हैं। लाखों छात्रों की 2022 से छात्रवृत्ति रोककर उनके भविष्य पर प्रहार किया गया है।”

पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की का तीखा प्रहार

इसी तरह पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़े और गरीब वर्ग के छात्रों को अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उनके अनुसार—
“बीजेपी विद्यार्थियों को उनके अधिकार से वंचित कर रही है। छात्रवृत्ति रोककर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसे गरीब और पिछड़े वर्गों के बच्चों की शिक्षा से कोई सरोकार नहीं है।”

आगे की राह: आंदोलन को और मिलेगा विस्तार

उधर, कांग्रेस नेताओं ने यह भी संकेत दिया कि NSUI के आंदोलन को पार्टी संगठनात्मक तौर पर मजबूती देगी। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि जब तक लंबित छात्रवृत्ति जारी नहीं होती, तब तक यह लड़ाई और तेज की जाएगी।
कुल मिलाकर, OBC छात्रों का मुद्दा झारखंड में एक बड़े राजनीतिक सवाल के रूप में उभर चुका है और इसके समाधान के लिए छात्र संगठन और विपक्ष दोनों ही दबाव बढ़ा रहे हैं।

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