“वोट के वक्त OBC, अधिकार के वक्त खामोश”- राजद का तीखा तंज.

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राजनीतिक आरक्षण विवाद: राजद नेता कैलाश यादव का BJP और RSS पर तीखा हमला

मुख्य बिंदु:

  • राजद नेता ने BJP को दलित-पिछड़ा-विरोधी विचारधारा वाला बताया

  • बाबा साहब अम्बेडकर के खिलाफ शव यात्रा की घटना को याद किया

  • मंडल कमीशन के बाद BJP पर आरक्षण विरोध का आरोप

  • प्रधानमंत्री मोदी पर जातीय जनगणना मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप

  • जातीय जनगणना को सामाजिक क्रांति की कुंजी बताया



BJP की वैचारिक जड़ें दलित-पिछड़ा विरोधी: कैलाश यादव

राजद झारखंड प्रदेश के महासचिव और मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह पार्टी शुरू से ही दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और आदिवासी विरोधी मानसिकता से संचालित होती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP की विचारधारा कट्टरपंथी और सांप्रदायिक संगठन RSS की देन है, जो समावेशी समाज के मूल्यों के खिलाफ काम करता है।

बाबा साहब अम्बेडकर के जीवनकाल में निकाली गई थी ‘शव यात्रा’

कैलाश यादव ने ऐतिहासिक घटनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब बाबा साहब अम्बेडकर ने हिंदू सिविल कोड, जाति आधारित जनगणना और आरक्षण जैसे मुद्दों पर बहुसंख्यक ST, SC, और OBC वर्ग को मजबूती देने की बात की, तब RSS ने हिन्दू महासभा के बैनर तले उनके खिलाफ ‘शव यात्रा’ निकाली थी। उन्होंने कहा, “यह जातीय प्रताड़ना का ऐसा उदाहरण है जिसने बाबा साहब को मजबूर कर दिया कि वे 10 लाख लोगों के साथ बौद्ध धर्म अपना लें।”



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मंडल कमीशन पर भी BJP ने जताई थी असहमति

इसके बाद यादव ने 1990 में लागू हुए मंडल कमीशन का ज़िक्र किया, जिसके तहत OBC को 27%, SC को 15% और ST को 7.5% आरक्षण मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP इस निर्णय से कभी सहमत नहीं रही और उसने आरक्षण नीति को न्यायालय में चुनौती दी। साथ ही, मंडल के विरोध में ‘कमंडल’ की राजनीति कर समाज में ध्रुवीकरण किया।

“PM मोदी ने OBC नाम पर वोट लिए, पर आरक्षण पर चुप्पी”

राजद नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मोदी जी ने OBC वर्ग से होने का दावा कर वोट हासिल किया और तीन बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन जब विपक्ष जातीय जनगणना या आरक्षण सीमा बढ़ाने की बात करता है, तो वे इन नेताओं को ‘अर्बन नक्सल’ कह देते हैं।”

BJP की दोहरी नीति पर तंज – “घर में राम, बगल में छुरी”

यादव ने बीजेपी की जातीय जनगणना पर रुख को पाखंडपूर्ण बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “एक ओर प्रधानमंत्री जनगणना का विरोध करते हैं, दूसरी ओर BJP इसका श्रेय लेने की कोशिश करती है। यह दोहरी नीति नहीं तो और क्या है?”

जातीय जनगणना से आएगी सामाजिक क्रांति: यादव

अंत में कैलाश यादव ने जातीय जनगणना को सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक क्रांति की चाबी बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से 90 फीसदी भारतीयों को न केवल मौलिक अधिकार प्राप्त होंगे, बल्कि वे देश और प्रदेश की सत्ता की दिशा भी तय करेंगे।

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