“शिक्षा नहीं, वसूली का खेल! स्कूलों पर कार्रवाई की उठी मांग”

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निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्ती की मांग

झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने उपायुक्त राँची को भेजा ज्ञापन

राँची: झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने निजी विद्यालयों की बढ़ती मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए राँची के उपायुक्त को ईमेल के माध्यम से एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने जिले के सभी निजी स्कूलों में शुल्क निर्धारण प्रणाली को सख्ती से लागू करने की मांग की है।

शुल्क निर्धारण समिति के गठन पर जोर

ज्ञापन में कहा गया है कि जिला प्रशासन द्वारा हाल ही में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन एक सराहनीय कदम है। हालांकि, इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि अभिभावकों को मनमानी फीस वृद्धि से राहत मिल सके।

कानून लागू, लेकिन जमीनी असर नहीं

एसोसिएशन ने बताया कि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 वर्ष 2019 से लागू है, लेकिन अब तक इसका सही तरीके से पालन नहीं हो पाया है। इस मुद्दे को लेकर संगठन द्वारा कई बार ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन और जनजागरूकता अभियान भी चलाए गए, बावजूद इसके स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया है।

PTA और स्कूल स्तरीय समिति अनिवार्य करने की मांग

ज्ञापन में यह मांग भी की गई है कि राँची जिले के सभी निजी विद्यालयों में विद्यालय स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति और अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही, इन समितियों से जुड़ी सभी जानकारियों को स्कूल के नोटिस बोर्ड और आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करना भी जरूरी किया जाए।

नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की मांग

एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से अपील की है कि सभी विद्यालयों के लिए एक निश्चित समयसीमा तय की जाए, जिसके भीतर इन नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जुर्माना और आवश्यकता पड़ने पर मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाए।

“अभिभावकों के भविष्य से जुड़ा है मुद्दा”

अजय राय ने कहा कि यह मामला हजारों अभिभावकों और छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

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