चंपाई सोरेन की पीड़ा: राज्य की जनता के सामने
आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता चंपाई सोरेन ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपनी पीड़ा को राज्य की जनता के सामने रखा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा में आंतरिक लोकतंत्र की कमी
चंपाई सोरेन की पीड़ा यह दर्शाती है कि सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव है और यह पार्टी एक परिवार के ‘राजशाही रिवाज’ से जकड़ी हुई है।
पूर्व में भी कई बार उठाया मुद्दा
सुदेश महतो ने यह भी कहा कि चंपाई सोरेन ने पहले भी कई मौकों पर इस मुद्दे को उठाया है। जब हेमंत सोरेन ने विधानसभा में विश्वासमत हासिल किया, तो उन्होंने भी पूछा था कि इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी?
चंपाई सोरेन का सफल नेतृत्व
सुदेश महतो ने बताया कि चंपाई सोरेन ने पांच महीने तक कुशलता से राज्य का नेतृत्व किया, लेकिन सोरेन परिवार अपने परिवार के बाहर किसी को नेतृत्व देने को तैयार नहीं है। उनके कार्यकाल में ट्रांसफर पोस्टिंग के उद्योग पर भी लगाम लगाई गई थी।
चंपाई सोरेन के आत्मसम्मान को ठेस
सुदेश महतो ने कहा कि जेएमएम ने एक वरिष्ठ नेता के रूप में चंपाई सोरेन के बेहतर कार्य के बावजूद उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है। राज्य की जनता सब देख और समझ रही है, और यह समय है जब वे इसका सही मूल्यांकन करें।
