रामगढ़ में आपदा प्रबंधन को लेकर नई पहल, 3000 लोगों को मिला मास्टर ट्रेनर सर्टिफिकेट
मुख्य बिंदु:
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उपायुक्त फैज अहमद मुमताज की पहल पर शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण
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4 से 15 जुलाई तक चला “आपदा मित्र” प्रशिक्षण कार्यक्रम
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CPR और फर्स्ट एड पर दिया गया लाइव डेमोंस्ट्रेशन
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3000 प्रतिभागियों को जिला प्रशासन ने मास्टर ट्रेनर का सर्टिफिकेट दिया
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डॉक्टर समीम और मोहम्मद अहसान मंजर ने दी प्रशिक्षण की जिम्मेदारी
उपायुक्त की पहल से रामगढ़ में आपदा प्रबंधन को नई दिशा
रामगढ़, 15 जुलाई 2025: रामगढ़ जिले के उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक सशक्त पहल की है। इस कड़ी में 4 जुलाई से 15 जुलाई तक चलाए गए ‘आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का आज विधिवत समापन हुआ।
प्रशिक्षण में दी गई फर्स्ट एड और CPR की विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान डॉ. शमीम अहमद ने प्रतिभागियों को फर्स्ट एड, CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) जैसी जीवन रक्षक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न इलाकों और पंचायतों से आए लोगों को आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देना सिखाया गया।
डॉ. शमीम ने बताया,
“इस प्रशिक्षण का उद्देश्य समुदाय स्तर पर आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाना है। हमने लोगों को प्राथमिक उपचार की महत्वपूर्ण विधियों के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया है, जिससे वे जरूरत के समय दूसरों की जान बचा सकें।“
लाइव डेमो और व्यावहारिक सीख
प्रशिक्षण के दौरान मोहम्मद अहसान मंजर ने लाइव डेमो सत्र का संचालन किया, जिसमें CPR देने की तकनीक, आपातकालीन स्थिति में घायलों को कैसे संभालना है, जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया।
3000 लोगों को मिला मास्टर ट्रेनर सर्टिफिकेट
इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन ने लगभग 3000 लोगों को ‘मास्टर ट्रेनर’ का प्रमाण पत्र प्रदान किया। यह सर्टिफिकेट उन्हें न केवल स्थानीय स्तर पर आपदा की स्थिति में मददगार बनाएगा, बल्कि वे आगे अन्य लोगों को भी प्रशिक्षित कर सकेंगे।
रामगढ़ में शुरू की गई यह पहल आपदा प्रबंधन की दृष्टि से बेहद प्रभावशाली साबित हो रही है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल आम नागरिकों में जागरूकता लाते हैं, बल्कि “सुरक्षित समाज की नींव” भी मजबूत करते हैं। उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज की यह सोच निश्चित ही अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।
