ट्रांसजेंडरों का होगा राज्यव्यापी सर्वे, मुख्य सचिव अलका तिवारी ने दिए निर्देश
योजनाओं से जोड़ने में मिलेगी मदद
रांची, 09 सितंबर 2025- झारखंड सरकार ने राज्यभर में ट्रांसजेंडरों की पहचान और उनकी वास्तविक जरूरतों को सामने लाने के लिए व्यापक सर्वे कराने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव अलका तिवारी ने मंगलवार को आयोजित झारखंड ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को इस दिशा में काम शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सर्वे से जिलावार ट्रांसजेंडरों की संख्या, उनकी समस्याएं और उनकी अपेक्षाएं स्पष्ट होंगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाना आसान होगा।
जिलास्तरीय समिति के गठन पर जोर
बैठक में यह बात प्रमुखता से उभरी कि ट्रांसजेंडर समाज के लोग अक्सर अपनी पहचान जाहिर करने में संकोच करते हैं। इस वजह से पहचान पत्र बनवाने, आरक्षण, पेंशन योजना, आयुष्मान कार्ड, गरिमा गृह निर्माण और भेदभाव से सुरक्षा जैसी सुविधाओं तक उनकी पहुंच सीमित रह जाती है। मुख्य सचिव ने इस स्थिति से निपटने के लिए उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समिति के शीघ्र गठन का निर्देश दिया।
बनेगी ट्रांसजेंडर सपोर्ट यूनिट
बैठक में यह भी तय हुआ कि बोर्ड की ओर से एक ट्रांसजेंडर सपोर्ट यूनिट बनाई जाएगी। यह यूनिट न केवल ट्रांसजेंडरों से जुड़े मुद्दों पर नजर रखेगी, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान सुझाकर बोर्ड को अनुशंसा भी देगी।
झारखंड में 13,463 ट्रांसजेंडर
2011 की जनगणना के अनुसार, पूरे देश में ट्रांसजेंडरों की संख्या 4,87,803 है। इनमें से 13,463 ट्रांसजेंडर झारखंड में रहते हैं। सरकार इस वर्ग के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है और ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड विभिन्न विभागों को उनके निर्माण और क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करता है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गृह सचिव वंदना दादेल, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास सचिव मनोज कुमार, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, ग्रामीण विकास सचिव के. श्रीनिवासन समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
