23 जनवरी: इतिहास से वर्तमान तक
मुख्य बिंदु
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23 जनवरी 1966 को इंदिरा गांधी बनीं भारत की प्रधानमंत्री
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1977 में जनता पार्टी का गठन, जनसंघ का हुआ विलय
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नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती, पराक्रम दिवस
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भारत और विश्व इतिहास की कई अहम घटनाओं का साक्षी रहा 23 जनवरी
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आज का इतिहास क्यों है खास
आज वर्तमान है, कल गुजरा हुआ समय और दूसरा कल आने वाला भविष्य। अतीत हमें सीख देता है, वर्तमान को समझने की दृष्टि देता है और भविष्य की दिशा तय करता है। इसी क्रम में 23 जनवरी का दिन भारतीय और विश्व इतिहास में कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
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🇮🇳 भारत के इतिहास में 23 जनवरी
23 जनवरी 1966 को इंदिरा गांधी ने भारत की प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला। यह भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ था।
इसी दिन 1977 में जनता पार्टी का गठन हुआ, जिसमें जनसंघ का भी विलय हुआ और देश की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हुई।
विश्व और देश की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं
23 जनवरी को इतिहास में दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का म्यांमार को रोहिंग्या समुदाय की सुरक्षा से जुड़ा आदेश, ब्रिटेन में ब्रेक्जिट कानून को शाही मंजूरी, भारत में सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार की घोषणा, भारत की भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में स्थिति, वियतनाम युद्ध से जुड़ी घोषणा, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र की शुरुआत और कई अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाएं शामिल हैं।
यह दिन युद्ध, कूटनीति, उद्योग, मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े फैसलों के लिए भी याद किया जाता है।
आज के दिन जन्मे महान व्यक्तित्व
23 जनवरी को कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों का जन्म हुआ, जिनमें सबसे प्रमुख नेताजी सुभाषचंद्र बोस हैं, जिनका जन्म 1897 में कटक में हुआ था।
इसके अलावा बाल ठाकरे, डेरेक वॉलकोट, अचल कुमार ज्योति सहित राजनीति, साहित्य, कला और प्रशासन से जुड़े कई नाम इस दिन जन्मे।
आज के दिन हुआ निधन
इतिहास में 23 जनवरी को कई प्रसिद्ध हस्तियों का निधन भी दर्ज है, जिनमें समाजसेवी, क्रांतिकारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल हैं।
आज का महत्वपूर्ण दिवस
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पराक्रम दिवस (नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती)
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कुष्ठ निवारण अभियान दिवस
इतिहास से सीख
23 जनवरी हमें याद दिलाता है कि इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि संघर्ष, नेतृत्व, विचार और परिवर्तन की कहानी है। नेताजी जैसे व्यक्तित्वों का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है और राष्ट्र निर्माण की दिशा दिखाता है।
