कांग्रेस की बाधाओं और अमेरिकी दबावों के बीच मोदी ने दिखाया साहस: बाबूलाल।

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ऑपरेशन सिंदूर: बाबूलाल मरांडी ने बताया मोदी सरकार की रणनीतिक दूरदृष्टि और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक

मुख्य बिंदु:

  • नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने ऑपरेशन सिंदूर को बताया मोदी सरकार की रणनीतिक सोच का प्रमाण

  • कहा, आतंक के खिलाफ निर्णायक जवाब और पाकिस्तान की हर स्तर पर बेनकाब

  • राफेल और S-400 को बताया ऑपरेशन सिंदूर की रीढ़

  • कांग्रेस की राजनीति और अमेरिकी दबाव के बावजूद मोदी ने लिया साहसिक फैसला

  • आत्मनिर्भर भारत की दिशा में इज़रायली तकनीक से बने स्वदेशी ड्रोन्स का सफल इस्तेमाल

  • 73 देशों की कूटनीतिक यात्राओं से मिली वैश्विक स्वीकृति, पाकिस्तान रहा पूरी तरह अलग-थलग

  • आर्थिक अंतर पर भी दिया जोर, भारत की मजबूती को बताया नेतृत्व की जीत



रांची। नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की रणनीतिक सफलता का उल्लेख करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने इसे मोदी सरकार की रणनीतिक दूरदृष्टि, राजनीतिक साहस और वैश्विक कूटनीति का जीवंत उदाहरण बताया।

मरांडी ने लिखा, “यह वह क्षण था जब भारत ने आतंक के खिलाफ सिर्फ जवाब नहीं दिया, बल्कि पाकिस्तान को सैन्य, कूटनीतिक और नैतिक मोर्चे पर पूरी तरह बेनकाब कर दिया।”

कांग्रेस की रुकावटों के बीच मोदी का साहसिक निर्णय

बाबूलाल मरांडी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को उस राजनीतिक संघर्ष से भी जोड़ा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की कथित देशविरोधी राजनीति और अमेरिकी धमकियों के बावजूद देशहित को सर्वोपरि रखा।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने राफेल डील को लेकर देश में भ्रम फैलाया, सुप्रीम कोर्ट तक मामला खींचा और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, तब भी प्रधानमंत्री ने राजनीतिक जोखिम उठाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

S-400 और ट्रम्प की धमकियों के बीच मजबूत नेतृत्व

मरांडी ने आगे बताया कि जब अमेरिका ने S-400 मिसाइल सिस्टम को लेकर भारत को टेक्नोलॉजी प्रतिबंधों की चेतावनी दी, तब प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज कर रूस से यह रक्षा प्रणाली खरीदी।
आज यही S-400 और राफेल लड़ाकू विमान ऑपरेशन सिंदूर में भारत की सामरिक रीढ़ बने, जिसने न सिर्फ दुश्मन के ठिकानों पर सर्जिकल प्रिसिशन से वार किए, बल्कि पाकिस्तान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को सीमा पर ही खत्म कर दिया।



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आत्मनिर्भर भारत की सैन्य छलांग

मरांडी ने यह भी बताया कि मोदी सरकार ने सिर्फ विदेशी तकनीक पर निर्भर न रहकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस कदम उठाए।
इज़रायली तकनीक के जरिए विकसित किए गए स्वदेशी कामिकाज़े ड्रोन, जो अब भारत में ही तैयार होते हैं और 1000 किलोमीटर तक उड़ान भर सकते हैं, को पहली बार ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किया गया।

वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत स्थिति

नेता प्रतिपक्ष ने पीएम मोदी की विदेश नीति की भी प्रशंसा की। उन्होंने लिखा कि पिछले एक दशक में 73 देशों की यात्राएं, पश्चिमी देशों से सीधा संवाद और प्रभावशाली नेताओं के साथ संबंधों ने भारत की वैश्विक छवि को बदला।
उन्होंने कहा, “इस बार पाकिस्तान को कहीं से कोई समर्थन नहीं मिला — कतर जैसे देश भी भारत के साथ खड़े नजर आए।”

अर्थव्यवस्था और नेतृत्व की तुलना

मरांडी ने भारत और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की तुलना करते हुए लिखा कि आज जब भारत $3.88 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था है और पाकिस्तान सिर्फ $0.37 ट्रिलियन पर है, तो यह फर्क सिर्फ GDP का नहीं, दूरदर्शी नेतृत्व का भी है।

नया भारत, नया दृष्टिकोण

बाबूलाल मरांडी ने अपने संदेश के अंत में लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर यह स्पष्ट करता है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि नए नियम गढ़ता है। और इस नए भारत के शिल्पकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जिन्होंने यह सिद्ध किया कि जब नेतृत्व राष्ट्रहित में अडिग हो, तो न कोई आंतरिक विरोध उसे रोक सकता है, न ही कोई वैश्विक दबाव।

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