“75 वर्ष के बाद राजनीति से रिटायर हों PM मोदी और भागवत”: RJD का BJP और RSS पर हमला
🔹 मुख्य बिंदु-
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RJD महासचिव कैलाश यादव ने उठाया 75 वर्ष रिटायरमेंट का मुद्दा
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मोहन भागवत के हालिया बयान को बताया बीजेपी नेतृत्व के लिए इशारा
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नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत दोनों सितंबर 2025 में पूरे करेंगे 75 वर्ष
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लालकृष्ण आडवाणी, जोशी जैसे नेताओं के उदाहरण का हवाला
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आरएसएस और भाजपा से आह्वान – “अमृतकाल” में मिसाल पेश करें
RJD नेता का दावा – भागवत का बयान भाजपा नेतृत्व के लिए ‘संकेत’
रांची, 12 जुलाई 2025:
झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने आज प्रेस वक्तव्य जारी कर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 75 वर्ष की आयु के बाद राजनीति से रिटायरमेंट की बात कहकर एक साफ संकेत दिया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं पर भी लागू होता है।
किताब विमोचन में भागवत का 75 वर्ष रिटायरमेंट का ‘संदेश’
राजद नेता यादव ने कहा कि 9 जुलाई को एक पुस्तक विमोचन समारोह में मोहन भागवत द्वारा सार्वजनिक रूप से कहा गया कि 75 वर्ष की आयु के बाद व्यक्ति को स्वयं राजनीति और पद से निवृत्त होकर मार्गदर्शन मंडल में चले जाना चाहिए। उन्होंने इसे “भाजपा नेताओं के लिए साफ इशारा” बताया।
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पुराने उदाहरण: आडवाणी, जोशी, सिन्हा ने अपनाया था यही नियम
यादव ने बताया कि 2013–14 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की गोवा कार्यकारिणी बैठक में पार्टी ने स्पष्ट रूप से तय किया था कि 75 वर्ष से अधिक आयु के नेता प्रधानमंत्री, मंत्री या पार्टी अध्यक्ष नहीं बन सकेंगे।
इस नियम के तहत लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी जैसे कई वरिष्ठ नेता सक्रिय राजनीति से बाहर कर दिए गए और मार्गदर्शन मंडल में भेजे गए। यादव ने कहा कि अब यही “75 की लक्ष्मण रेखा” भाजपा के मौजूदा नेतृत्व पर भी लागू होनी चाहिए।
“मोदी और भागवत दोनों होंगे 75 के – रिटायरमेंट की अग्नि परीक्षा”
कैलाश यादव ने जानकारी दी कि संघ प्रमुख मोहन भागवत 11 सितंबर 2025 को 75 वर्ष के हो जाएंगे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2025 को 75 वर्ष पूरे करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया – “क्या अब इन दोनों शीर्ष नेताओं को भी अपने-अपने पदों से रिटायरमेंट लेकर लोकतांत्रिक मिसाल पेश नहीं करनी चाहिए?”
“अमृतकाल में हो आदर्श स्थापित”
राजद नेता ने तंज कसते हुए कहा कि देश 75वें स्वतंत्रता वर्ष को ‘अमृतकाल’ के रूप में मना रहा है, ऐसे में मोहन भागवत और नरेंद्र मोदी को भी 75 वर्ष पूरे होने पर पद से संन्यास लेकर देश के सामने चाल, चरित्र और चेहरा का आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। इससे भाजपा और संघ दोनों अग्नि परीक्षा में खरे उतरने का प्रमाण दे सकते हैं।
