कम प्लेटलेट काउंट में चमत्कार: पारस एचईसी हॉस्पिटल में सफल ब्रेन सर्जरी

झारखंड/बिहार

रांची। राजधानी रांची के पारस एचईसी हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने एक बेहद जोखिम भरी स्थिति में चिकित्सा कौशल का शानदार उदाहरण पेश किया है। मात्र 14 हजार प्लेटलेट काउंट होने के बावजूद एक मरीज की सफल ब्रेन सर्जरी कर उसकी जान बचा ली गई।

मरीज की हालत बेहद गंभीर

मरीज गंभीर रक्त विकार मायलोडिस्प्लास्टिक सिंड्रोम से पीड़ित था। उसके मस्तिष्क के बाईं ओर खून जमा हो गया था, जिसे मेडिकल भाषा में क्रोनिक सबड्यूरल हेमेटोमा कहा जाता है। इस स्थिति में मस्तिष्क की सतह और बाहरी आवरण ड्यूरा के नीचे पुराना रक्त थक्का जम जाता है, जिससे दिमाग पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। मरीज को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था।

कम प्लेटलेट में सर्जरी बनी बड़ी चुनौती

सामान्य तौर पर ब्रेन सर्जरी के लिए पर्याप्त प्लेटलेट काउंट आवश्यक माना जाता है, लेकिन इस मरीज का प्लेटलेट काउंट मात्र 14,000 था, जो अत्यंत जोखिमपूर्ण स्थिति थी। बावजूद इसके मरीज की हालत को देखते हुए तत्काल सर्जरी जरूरी हो गई।

डॉ. अरुण कुमार के नेतृत्व में सफल ऑपरेशन

सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन डॉ. अरुण कुमार ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया। डॉ. अरुण कुमार और उनकी विशेषज्ञ टीम ने अत्यधिक सावधानी के साथ सर्जरी को अंजाम दिया। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और सर्जरी के बाद मरीज को होश आ गया। उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और स्वस्थ होने के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

जटिल मामलों में डॉक्टरों का अनुभव

बताया जाता है कि डॉ. अरुण कुमार पिछले एक वर्ष से पारस हॉस्पिटल, रांची में सीनियर कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत हैं और अब तक कई जटिल ब्रेन और स्पाइन सर्जरी को सफलतापूर्वक कर चुके हैं।

अस्पताल प्रबंधन ने जताया गर्व

पारस हॉस्पिटल, रांची के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी डॉक्टरों द्वारा मरीज की जान बचाना अस्पताल की उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाओं और आधुनिक सुविधाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पारस हॉस्पिटल का उद्देश्य हमेशा मरीजों को सुरक्षित, सुलभ और सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *