प्रमुख बिंदु
-
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भूमि संरक्षण निदेशालय और लाह प्रशिक्षण केंद्र का औचक निरीक्षण किया
-
योजनाओं की धीमी प्रगति और लंबित अनुशंसा प्रस्तावों पर जताई नाराज़गी
-
अधिकारियों को अक्टूबर 2025 से योजना क्रियान्वयन का स्पष्ट निर्देश
-
नामकुम स्थित लाह प्रशिक्षण केंद्र में सुविधाओं की कमी को लेकर चिंता व्यक्त
-
संसाधनों की उपयोगिता और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किया औचक निरीक्षण, योजनाओं की धीमी गति पर जताई नाराज़गी
रांची, 17 जुलाई 2025 – भूमि संरक्षण निदेशालय और लाह प्रशिक्षण केंद्र की स्थिति जानने के लिए ग्रामीण विकास मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। उन्होंने योजनाओं की धीमी प्रगति और लंबित अनुशंसा प्रस्तावों पर कड़ी नाराज़गी जताई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अक्टूबर 2025 से सभी योजनाओं का क्रियान्वयन ज़मीनी स्तर पर शुरू होना चाहिए।
योजनाओं में देरी पर जताई असंतुष्टि
भूमि संरक्षण निदेशालय के सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए मंत्री ने पाया कि कई प्रस्ताव फाइलों में अटके हुए हैं। इससे सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि “अब विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योजनाएं सिर्फ कागज़ों में नहीं, ज़मीन पर दिखनी चाहिए।”
26001 शिक्षक बहाली पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, पारा शिक्षकों के लिए 100 सीटें रिजर्व.
लाह प्रशिक्षण केंद्र की जमीनी हकीकत
इसके बाद मंत्री शिल्पी नेहा नामकुम स्थित लाह प्रशिक्षण एवं प्रसंस्करण केंद्र पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि यहां कई जरूरी संसाधनों की कमी है और प्रशिक्षण की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। उन्होंने केंद्र की कार्यशैली में सुधार लाने के लिए विभागीय सचिव को निर्देश दिए।
अक्टूबर से योजनाओं का क्रियान्वयन अनिवार्य
मंत्री ने अधिकारियों को साफ कहा कि अक्टूबर 2025 से सभी अनुशंसा योजनाओं का क्रियान्वयन हर हाल में शुरू किया जाए। इसके लिए समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब योजनाएं सिर्फ बजट में नहीं, धरातल पर भी दिखनी चाहिए।
HEC के 1400 ठेका मजदूरों की नौकरी पर संकट, आजसू ने दिया आंदोलन को समर्थन.
पारदर्शिता और ज़मीनी काम पर ज़ोर
मंत्री ने कहा कि विभाग की साख तभी मजबूत होगी जब योजनाएं ज़मीन पर उतरेंगी। साथ ही उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाम आधारित काम पर विशेष ज़ोर दिया।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का यह औचक निरीक्षण एक स्पष्ट संदेश है कि सरकार अब योजनाओं की सिर्फ घोषणा नहीं, उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी सख्ती से ध्यान दे रही है। इससे न केवल प्रशासनिक सक्रियता बढ़ेगी बल्कि जनता को भी समय पर योजनाओं का लाभ मिलेगा।
