रोम में गूंजी आदिवासी संस्कृति: बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई.

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मुख्य बिंदु 

● रोम स्थित भारतीय दूतावास में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई गई
● कार्यक्रम में बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन
● राजदूत वाणी राव ने समावेशी विकास पर सरकार की पहलें बताईं
● आदिवासी समुदाय ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बनाया

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भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती: रोम में भारतीय दूतावास में हुआ भव्य आयोजन

रोम में भारतीय दूतावास ने श्रद्धापूर्वक मनाई 150वीं जयंती

रोम स्थित भारतीय दूतावास में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती अत्यंत गरिमापूर्ण माहौल में मनाई गई। दूतावास प्रांगण में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग, आदिवासी समुदाय के सदस्य और स्थानीय अतिथि उपस्थित रहे।

बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्षों पर विस्तृत चर्चा

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के प्रेरणादायी जीवन, उनके संघर्षों और भारतीय स्वतंत्रता व इतिहास में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए हुई। वक्ताओं ने बताया कि कैसे बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज को संगठित कर अन्याय और शोषण के खिलाफ मजबूत आंदोलन खड़ा किया।
साथ ही, उनके जीवन पर आधारित एक प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसने उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया।

राजदूत वाणी राव का संबोधन: समावेशी विकास पर ज़ोर

इस अवसर पर भारतीय राजदूत वाणी राव ने कहा कि भारत सरकार समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण सरकारी पहलों का उल्लेख किया और बताया कि आदिवासी समुदाय देश की प्रगति में एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।

आदिवासी समुदाय ने प्रस्तुत की मनमोहक सांस्कृतिक झलकियां

समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा आखिल भारतीय आदिवासी समुदाय द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम।
आभास संगठन के अध्यक्ष फादर विजय टोप्पो और फादर संजय तिर्की के नेतृत्व में आदिवासी भाई-बहनों ने पारंपरिक नृत्य व गीतों की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं।
इनकी मनमोहक सांस्कृतिक झलकियों ने पूरे आयोजन को ऊर्जा, उत्साह और भावनाओं से भर दिया।

समारोह ने छोड़ी अविस्मरणीय छाप

बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम न सिर्फ सांस्कृतिक विविधता का उत्सव था, बल्कि भारत की आदिवासी विरासत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाने का पल भी साबित हुआ। उपस्थित लोगों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरणादायी और यादगार बताया।

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