मुख्य बिंदु:
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल को भारत की एकता का शिल्पकार बताया
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरदार पटेल और इंदिरा गांधी दोनों को दी श्रद्धांजलि
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बाबूलाल मरांडी ने भी दी एकता दिवस की शुभकामनाएं
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देशभर में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस
रांची/नई दिल्ली | आज देशभर में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती श्रद्धा और गर्व के साथ मनाई गई। देश के शीर्ष नेताओं ने ट्वीट कर उन्हें नमन किया और उनके योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा —
“India pays homage to Sardar Vallabhbhai Patel on his 150th Jayanti. He was the driving force behind India’s integration, thus shaping our nation’s destiny in its formative years. His unwavering commitment to national integrity, good governance and public service continues to inspire generations. We also reaffirm our collective resolve to uphold his vision of a united, strong and self-reliant India.”
मोदी ने इस अवसर पर एकता, सुशासन और आत्मनिर्भर भारत की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।
इधर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सरदार पटेल को नमन करते हुए लिखा —
“महान स्वतंत्रता सेनानी और देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती पर शत-शत नमन। देश की एकता और अखंडता को सशक्त आधार प्रदान करने के लिए सरदार पटेल जी का योगदान सदियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा।”
हेमंत सोरेन ने इसी के साथ देश की पहली महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी को भी उनकी पुण्यतिथि पर याद किया। उन्होंने ट्वीट किया —
“देश की पहली महिला प्रधानमंत्री, आयरन लेडी स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन। उनकी नेतृत्व क्षमता, अदम्य साहस और जनसेवा के प्रति समर्पण सदैव देशवासियों की स्मृतियों में जीवित रहेगा।”
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सरदार पटेल को नमन करते हुए लिखा —
“देश की एकता और अखंडता के सूत्रधार, भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। समस्त देशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।”
आज का दिन न केवल सरदार पटेल के अदम्य राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को याद करने का है, बल्कि यह इंदिरा गांधी जैसी नेतृत्व क्षमता वाली हस्ती के योगदान को भी नमन करने का अवसर है। जहां एक ओर सरदार पटेल ने देश की एकता की नींव रखी, वहीं इंदिरा गांधी ने भारत की राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय ताकत को नई पहचान दी।
दोनों महान विभूतियों को याद करते हुए देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए — स्कूलों, सरकारी दफ्तरों और राजनीतिक संगठनों ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
