सरायकेला-खरसावां में अवैध अफीम की खेती पर ड्रोन से निगरानी, पुलिस ने शुरू किया सर्च अभियान
मुख्य बिंदु:
चौका थाना क्षेत्र के हेसाकोचा पंचायत में अफीम खेती वाले इलाकों पर ड्रोन से निगरानी
पहले जिन खेतों में अफीम की खेती हुई थी, वहां अब धान व दलहन की फसल
पुलिस और SSB मतकमडीह की संयुक्त टीम द्वारा किया गया सर्च अभियान
किसानों को वैकल्पिक फसलों जैसे आलू, सरसों और गेहूं की खेती के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित
———————-
- सरायकेला-खरसावां, 26 अक्टूबर 2025
सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस ने चौका थाना क्षेत्र के हेसाकोचा पंचायत में अवैध अफीम की खेती पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) मतकमडीह की कंपनी के साथ मिलकर ड्रोन के माध्यम से संभावित क्षेत्रों में निगरानी और सर्च अभियान चलाया।

ड्रोन सर्वे के दौरान पुलिस टीम ने पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों के किनारे स्थित खेतों का सत्यापन किया। जांच में सामने आया कि जिन खेतों में पहले अवैध अफीम की खेती होती थी, उनमें अब किसानों ने धान और दलहन की खेती की है। कुछ खेतों में अभी परती भूमि है, जबकि कई किसानों ने आलू, सरसों और गेहूं की बुआई की तैयारी शुरू कर दी है।
—
निरंतर जारी रहेगा सर्च अभियान
जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष पूरे सीजन के दौरान ऐसे सर्च अभियान लगातार चलाए जाएंगे। संभावित इलाकों की भौतिक जांच के साथ-साथ ड्रोन से भी निरंतर निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी स्तर पर अफीम की अवैध खेती को दोबारा न होने दिया जाए।
यदि किसी क्षेत्र में अवैध खेती की जानकारी मिलती है, तो संबंधित किसानों और सहयोगियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
—
वैकल्पिक फसलों के लिए जागरूकता
अभियान के दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को अफीम की खेती से दूर रहने और वैकल्पिक फसलों की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया। किसानों को बताया गया कि अफीम जैसी अवैध खेती के बजाय आलू, सरसों, गेहूं और दलहन जैसी फसलें अधिक सुरक्षित और लाभकारी हैं।
जिला पुलिस का कहना है कि यह निगरानी अभियान न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को वैध और टिकाऊ दिशा देने की पहल भी है।

