मुख्य बातें
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रोस्पा टावर का मैनेजमेंट अब GEL चर्च के अधीन
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दुकानदारों को चर्च के साथ नया एग्रीमेंट करना जरूरी
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चर्च दुकानदारों को हटाने के पक्ष में नहीं
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26 नवंबर 2025 को एसडीएम कोर्ट का फैसला चर्च के पक्ष में
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रोस्पा टावर परिसर में करीब 400 दुकानें
रोस्पा टावर का मैनेजमेंट अब GEL चर्च के अधीन, दुकानदारों को करना होगा नया एग्रीमेंट
रांची। GEL चर्च के महासचिव ईश्वर दत्त कंडुलना ने स्पष्ट किया है कि, रोस्पा टावर का संपूर्ण मैनेजमेंट अब चर्च के अधीन आ गया है। ऐसे में टावर परिसर में कारोबार कर रहे सभी दुकानदारों को चर्च के साथ नए सिरे से एग्रीमेंट करना अनिवार्य होगा। यदि आपसी बातचीत के जरिए सहमति बनती है तो ठीक, अन्यथा कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
दुकानदारों से बातचीत के लिए प्रॉपर्टी बोर्ड आगे आएगा
न्यूज़ मॉनिटर से बातचीत में ईश्वर दत्त कंडुलना ने बताया कि, चर्च की ओर से प्रॉपर्टी बोर्ड के अधिकारी दुकानदारों से आगे की बातचीत करेंगे। दुकानदारों से अपेक्षा है कि वे स्वयं चर्च से संपर्क कर एग्रीमेंट रिन्यूअल की प्रक्रिया शुरू करें।
नई एग्रीमेंट की कोई तय तारीख नहीं
नए सिरे से एग्रीमेंट के लिए कोई अंतिम तारीख तय किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई निश्चित तारीख तय नहीं है। हालांकि, चर्च के अधिकारी इस विषय पर आपस में चर्चा कर आगे का निर्णय लेंगे।
एसडीएम कोर्ट के फैसले के बाद चर्च को मिला अधिकार
ईश्वर दत्त कंडुलना ने बताया कि 26 नवंबर 2025 को एसडीएम कोर्ट से चर्च के पक्ष में फैसला आया है। इसी फैसले के बाद रोस्पा टावर के मैनेजमेंट का अधिकार पूरी तरह चर्च को मिल गया है।
रोस्पा टावर का इतिहास
उन्होंने बताया कि वर्ष 1988 से पहले रोस्पा टावर की जगह पर चर्च का प्रेस हुआ करता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण चर्च ने एक एकड़ 58 डिसमिल जमीन 30 साल के लिए डेवलपमेंट हेतु रोशन सुरीन को दी थी। यह अवधि वर्ष 2018 में समाप्त हो गई।
इन 30 वर्षों के दौरान डेवलपर द्वारा चर्च के उद्देश्यों को पूरा नहीं किया गया, जिसके बाद चर्च ने कानूनी कार्रवाई की। अंततः अदालत का फैसला चर्च के पक्ष में आया।
दुकानदारों को विस्थापित नहीं करना चाहती चर्च
ईश्वर दत्त कंडुलना ने दो टूक कहा कि चर्च किसी भी दुकानदार को विस्थापित करने के पक्ष में नहीं है। दुकानदार अपना व्यवसाय जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें हर हाल में चर्च के साथ नया एग्रीमेंट करना होगा, क्योंकि अब मैनेजमेंट पूरी तरह चर्च के अधीन है।
