21 अप्रैल का इतिहास: अर्जुन पुरस्कार के पहले निशानेबाज से लेकर अंतरराष्ट्रीय घटनाओं तक का लेखा-जोखा
मुख्य बिंदु-
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21 अप्रैल 1924: भारत के पहले निशानेबाज और अर्जुन पुरस्कार विजेता डॉ. करणी सिंह का जन्म।
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1526: पानीपत की पहली लड़ाई, बाबर ने इब्राहीम लोदी को हराया।
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1962: डॉ. करणी सिंह ने काहिरा विश्व चैंपियनशिप में जीता रजत पदक।
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2007: दिग्गज क्रिकेटर ब्रायन लारा ने एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लिया।
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2013: महान गणितज्ञ शकुंतला देवी का निधन।
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कई अन्य ऐतिहासिक घटनाएं, जन्म और पुण्यतिथि आज के दिन से जुड़ी हैं।
इतिहास: ज्ञान और दिशा का स्रोत
आज वर्तमान है, कल इतिहास बन चुका है और आने वाला समय भविष्य है। इतिहास केवल बीते पलों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वर्तमान को दृष्टि और भविष्य को दिशा देने का एक सशक्त माध्यम है। आज 21 अप्रैल के दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज कुछ बेहद महत्वपूर्ण घटनाओं, महान व्यक्तित्वों के जन्म और पुण्यतिथि की जानकारी हमें न केवल समृद्ध करती है बल्कि सोचने का नया नजरिया भी देती है।
भारत के पहले अर्जुन पुरस्कार विजेता निशानेबाज: डॉ. करणी सिंह
आज ही के दिन, 21 अप्रैल 1924 को डॉ. करणी सिंह का जन्म हुआ था, जो भारत के पहले निशानेबाज थे जिन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह न केवल एक कुशल निशानेबाज थे, बल्कि बीकानेर के अंतिम महाराजा भी थे।
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1961 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार मिला, यह पुरस्कार पाने वाले वे पहले निशानेबाज थे।
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1962 में काहिरा में आयोजित 38वीं विश्व निशानेबाजी प्रतियोगिता में उन्होंने रजत पदक हासिल किया।
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नई दिल्ली में स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज उनके नाम पर बनी है, जहां अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होती रहती हैं।
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डॉ. सिंह एक सक्रिय राजनीतिज्ञ भी रहे और 1952 से 1977 तक लोकसभा सदस्य के रूप में देश की सेवा की।
आज के दिन की अन्य ऐतिहासिक घटनाएं
पानीपत की पहली लड़ाई (1526)
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बाबर ने इब्राहीम लोदी को हराकर दिल्ली सल्तनत पर कब्जा जमाया और भारत में मुगल शासन की नींव रखी।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव-47 (1948)
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कश्मीर संघर्ष को लेकर यह प्रस्ताव पारित हुआ, जो इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाया।
बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव (1977)
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मेजर जनरल जियाउर्रहमान को बांग्लादेश का राष्ट्रपति नियुक्त किया गया।
भारतीय सैनिकों की हत्या और भारत का विरोध (2001)
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बांग्लादेश में भारतीय जवानों की नृशंस हत्या पर भारत ने कड़ा विरोध जताया।
अमेरिका द्वारा एलटीटीई पर प्रतिबंध (2002)
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अमेरिका ने लिट्टे से प्रतिबंध हटाने से इनकार किया।
भारतीय राजदूत का इस्तीफा (2003)
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भारत में अमेरिकी राजदूत राबर्ट ब्लैकविल ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया।
मिसाइल हमला और 68 की मौत (2004)
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इराक के बसरा शहर में हुए मिसाइल हमले में 68 लोग मारे गए।
नेपाल में लोकतंत्र की वापसी (2006)
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नेपाल के राजा ने चुनी हुई सरकार को सत्ता सौंपने का ऐलान किया।
ब्रायन लारा का संन्यास (2007)
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वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लिया।
भारत-ब्रिटेन नौसेना अभ्यास (2008)
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भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं के बीच तीसरा संयुक्त अभ्यास गोवा के कोंकण क्षेत्र में शुरू हुआ।
आज जन्मे महान व्यक्तित्व
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1891: जेम्स ब्रेड टेलर – भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रथम उप-गवर्नर और दूसरे गवर्नर।
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1926: महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय – यूनाइटेड किंगडम और राष्ट्रमंडल देशों की महारानी।
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1895: गबर सिंह नेगी – प्रथम विश्व युद्ध में शहीद, मरणोपरांत विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित।
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1944: एन. गोपालस्वामी – भारत के 15वें मुख्य चुनाव आयुक्त।
आज हुए निधन
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1938: मोहम्मद इक़बाल – प्रसिद्ध शायर और “सारे जहाँ से अच्छा” के रचयिता।
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1969: जोगेशचंद्र चटर्जी – काकोरी कांड के क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी।
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2013: शकुंतला देवी – विश्वविख्यात गणितज्ञ, जिन्हें “ह्यूमन कंप्यूटर” कहा जाता था।
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2021: शंख घोष – बांग्ला भाषा के प्रसिद्ध कवि, आलोचक और शिक्षाविद।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का दिन
21 अप्रैल का दिन केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें देशभक्ति, विज्ञान, खेल, साहित्य और राजनीति के विभिन्न आयामों से जोड़ता है।
डॉ. करणी सिंह जैसे व्यक्तित्व हमें याद दिलाते हैं कि कैसे एक व्यक्ति कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे सकता है – खेल, राजनीति और समाज सेवा।
इस दिन की याद हमें यह भी सिखाती है कि इतिहास को जानना केवल परीक्षा या तथ्य जानने के लिए नहीं, बल्कि समाज को समझने, उसे दिशा देने और खुद को जागरूक नागरिक बनाने का ज़रिया है।
