रांची: परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज
रांची- झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच आजसू पार्टी ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता संजय मेहता ने कहा कि राज्य में सरकारी परीक्षाओं की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी का गठन किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बन सकेगी।
दरअसल, हाल के वर्षों में कई सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ऐसे मामलों ने अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इसी को देखते हुए आजसू ने सरकार के सामने स्वतंत्र निगरानी तंत्र की मांग रखी है।
अमेरिका की तर्ज पर व्यवस्था लागू करने का सुझाव
संजय मेहता ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका (अमेरिका) में परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए स्वतंत्र व्यवस्था मौजूद है। ऐसे में झारखंड में भी इसी तरह की एजेंसी बनाई जानी चाहिए, जो सरकारी परीक्षाओं की शुरुआत से लेकर परिणाम घोषित होने तक पूरी प्रक्रिया पर नजर रखे।
उन्होंने कहा कि यह एजेंसी परीक्षा से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करे, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की पड़ताल करे और तथ्यों को सार्वजनिक करे। उनका मानना है कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
JPSC विवाद का किया जिक्र
इस बीच, संजय मेहता ने JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में समय-समय पर भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने किसी विशेष मामले पर टिप्पणी करने के बजाय परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया पर स्वतंत्र निगरानी होगी तो भविष्य में इस तरह के विवादों की संभावना कम होगी और अभ्यर्थियों का भरोसा भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपा गया ज्ञापन
वहीं, आजसू पार्टी ने इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय को ज्ञापन भी सौंपा है। ज्ञापन में सरकार से आग्रह किया गया है कि सरकारी परीक्षाओं की निष्पक्ष निगरानी के लिए जल्द से जल्द स्वतंत्र एजेंसी का गठन किया जाए।
पार्टी का कहना है कि केवल नई परीक्षाएं आयोजित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो। इसके अलावा, शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए भी एक प्रभावी निगरानी व्यवस्था आवश्यक है।
अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करने पर जोर
संजय मेहता ने कहा कि यदि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करती है तो सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभ्यर्थियों का विश्वास भी मजबूत होगा। अंततः, उनका कहना है कि निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली ही योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर देने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसलिए सरकार को जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
