वित्त रहित मोर्चा का बड़ा ऐलान: 21 दिसंबर से अनुदान प्रपत्र ऑनलाइन, जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री आवास घेराव तय
मुख्य बिंदु-
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21 दिसंबर 2025 से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान प्रपत्र ऑनलाइन भरे जाएंगे
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जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में मुख्यमंत्री आवास का घेराव
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75% अनुदान वृद्धि की मांग पर आंदोलन जारी
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CNT–SPT एक्ट और राज्यकर्मी दर्जे को लेकर हाईकोर्ट जाने की तैयारी
सरकार के आश्वासन के बाद लिया गया फैसला
रांची- वित्त रहित मोर्चा ने सरकार के सदन में दिए गए आश्वासन और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के शिक्षा सचिव के साथ हुई वार्ता के बाद 21 दिसंबर 2025 से अनुदान प्रपत्र ऑनलाइन भरने का निर्णय लिया है। यह फैसला आज हुई प्राचार्य/प्रधानाचार्य एवं शिक्षक प्रतिनिधियों की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में सरकार के सदन में दिए गए आश्वासन और सचिव स्तर की वार्ता पर विस्तार से चर्चा हुई।
सरकार ने सदन में स्पष्ट आश्वासन दिया है कि अगला शैक्षणिक सत्र बाधित नहीं होगा और उससे पहले अनुदान पर निर्णय ले लिया जाएगा। यह आश्वासन विधायक देवेंद्र कुंवर के अल्प सूचित प्रश्न के जवाब में दिया गया।

515 अनुदानित संस्थानों ने रोका था प्रपत्र
मोर्चा के आह्वान पर राज्य के 515 अनुदानित स्कूल एवं इंटर कॉलेजों ने अब तक अनुदान प्रपत्र नहीं भरे थे। 18 दिसंबर 2025 को शिक्षा सचिव के साथ मोर्चा की चार सूत्री मांगों पर वार्ता हुई, जिसे मोर्चा ने संतोषजनक बताया।
शिक्षा सचिव ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री का संकेत मिलते ही 75% अनुदान वृद्धि की संचिका कैबिनेट में भेज दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सदन के आश्वासन की प्रति मिलते ही विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी और प्रपत्र भरने के लिए मोर्चा को आगे बढ़ना चाहिए।

कल से सभी प्रकार के विद्यालय भरेंगे प्रपत्र
इन आश्वासनों के बाद राज्य के सभी इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय एवं मदरसा विद्यालय अनुदान प्रपत्र भरना शुरू करेंगे। सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि संचिका सुरक्षित है और उचित समय पर कैबिनेट भेजी जाएगी।
विधायकों का समर्थन, आंदोलन तेज
अनुदान वृद्धि के समर्थन में विधायक रामचंद्र सिंह और राम सूर्या मुंडा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भेजा है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि जनवरी 2026 में राजभवन के सामने विशाल महाधरना होगा और जनवरी के अंतिम सप्ताह में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इसके लिए जनवरी के पहले सप्ताह से मोर्चा प्रतिनिधि राज्यव्यापी दौरा शुरू करेंगे।

75% अनुदान वृद्धि पर अडिग मोर्चा
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि 75% अनुदान वृद्धि की मांग पर संघर्ष जारी रहेगा। सभी जिलों के नेताओं को निर्देश दिया गया है कि अधिक से अधिक विधायकों से समर्थन पत्र लिखवाकर 30 दिसंबर 2025 से पहले मोर्चा कार्यालय में जमा कराएं।
बैठक में फजलुल कादरी अहमद, गणेश महतो, अरविंद सिंह, देवनाथ सिंह, अनिल तिवारी, संजय कुमार और नरोत्तम सिंह ने कहा कि जब तक कैबिनेट की सहमति नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा।
CNT–SPT एक्ट और राज्यकर्मी दर्जा भी एजेंडे में
मोर्चा ने राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर भी आंदोलन और जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही CNT और SPT एक्ट में मदरसा के समान भूमि शर्त में छूट को लेकर 5 जनवरी 2026 के बाद रिट याचिका दाखिल की जाएगी। यह निर्णय संथाल परगना के शिक्षकों के आग्रह पर लिया गया।
सरकारी स्कूल अपग्रेड पर आपत्ति
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय भी लिया गया कि जहां पहले से स्वीकृत इंटर कॉलेज या उच्च विद्यालय मौजूद हैं, उनके नजदीक सरकारी उच्च विद्यालय का अपग्रेड नहीं किया जाए। ऐसा होने पर मोर्चा न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।
“आर-पार की लड़ाई” का ऐलान
रघुनाथ सिंह ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई जरूरी है। अन्य वक्ताओं—पशुपति महतो, परमेश्वर शर्मा, कमलेश ठाकुर, डालेश चौधरी, चंदेश्वर पाठक और विनय कुमार—ने भी कहा कि बिना आंदोलन कुछ हासिल नहीं होगा।
बैठक का संचालन और उपस्थिति
बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष मंडल के वरीय सदस्य हरिहर प्रसाद कुशवाहा ने की, जबकि मंच संचालन अरविंद कुमार सिंह ने किया। प्रेस को जानकारी मनीष कुमार और मुरारी प्रसाद सिंह ने दी। बैठक में लगभग 400 स्कूल व कॉलेजों के प्राचार्य, प्रधानाचार्य और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
