Khortha Novel Dukhia

राजभवन में विमोचित खोरठा उपन्यास “दुखिया”, नारी संघर्ष पर केंद्रित.

झारखंड/बिहार

राजभवन में खोरठा उपन्यास “दुखिया” का भव्य विमोचन

रांची, रांची विश्वविद्यालय के खोरठा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कुमारी शशि (खोरठा गुरुमाय) द्वारा लिखित खोरठा उपन्यास “दुखिया” का विमोचन राजभवन में आयोजित एक समारोह में किया गया। इस मौके पर महामहिम राज्यपाल ने अपने करकमलों से इस महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति का लोकार्पण किया।

नारी जीवन पर आधारित उपन्यास

“दुखिया” उपन्यास नारी जीवन की मानसिक स्थिति, सामाजिक और पारिवारिक संघर्षों को सशक्त तरीके से प्रस्तुत करता है। इसमें महिला पात्रों के जीवन की कठिनाइयों और उनकी जिजीविषा को नए दृष्टिकोण से चित्रित किया गया है, जो पाठकों को सोचने पर मजबूर करता है।

खोरठा साहित्य में नई शुरुआत

यह उपन्यास खोरठा साहित्य में महिला साहित्यकारों द्वारा लिखा गया पहला उपन्यास है। इस उपलब्धि के साथ खोरठा भाषा को एक नया मील का पत्थर मिला है। साहित्यकारों का मानना है कि यह कृति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

मुख्य पात्र दुखिया की कहानी

कहानी की नायिका “दुखिया” समाज में बेटियों के महत्व और उनके संघर्ष को उजागर करती है। उसका जीवन पाठकों के हृदय को छू जाता है और महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलने की दिशा में प्रेरित करता है।

विमोचन समारोह में मौजूद हस्तियाँ

समारोह में JLKM वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो, मैं हूं झारखंड के लेखक देव कुमार, शिक्षाविद अनंत कुमार महतो और शोधार्थी चंदन कुमार रजक मौजूद रहे। खोरठा के युवा कवि संदीप कुमार महतो ने भी डॉ. शशि को बधाई संदेश भेजा।

खोरठा साहित्य को मिला नया आयाम

डॉ. कुमारी शशि के इस उपन्यास को खोरठा साहित्य में नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। साहित्यिक जगत को उम्मीद है कि “दुखिया” न केवल पाठकों को प्रभावित करेगा, बल्कि खोरठा भाषा और साहित्य की समृद्धि में भी नई पहचान जोड़ेगा।

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